बचत बैंक

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खाता कौन खोल सकता है

1. बचत बैंक खाता निम्न के द्वारा खोला जा सकता है
 

  •  एकल व्यक्ति अपने नाम से
  •  एक से अधिक अपने संयुक्त नामों से जिसमें सभी को संयुक्त रूप से अथवा किसी एक को अथवा अनेक को अथवा उत्तरजीवियों को भुगतान की व्यवस्था हो
  • ग) अवयस्क की जन्म तिथि के बारे में घोषणा देते हुए उसकी ओर से अभिभावक
  • घ) 12 वर्ष से अधिक आयु का अवयस्क अपने नाम से बशर्ते वह अपनी आयु व जन्म तिथि के बारे में संतोषजनक साक्ष्य उपलब्ध कराता हो, जैसे 'जन्म तिथि प्रमाणपत्र ; नगर पालिका/अस्पताल द्वारा जारी, स्कूल प्रमाणपत्र, आदि' (तथापि, ऐसे खातों में अधिकतम शेष रु.10,000/- तक प्रतिबंधित है).
  • ङ) सचिव/कोषाध्यक्ष/प्रबंधक अथवा क्लब के विधिवत नामित/प्राधिकृत अधिकारी, संघ (पंजीकृत अथवा गैर-पंजीकृत), स्कूल, धार्मिक अथवा दानशील संस्थाएं तथा ऐसे ही नामों वाली समान प्रकृति की अन्य संस्थाएं स्पष्ट परिचालन अनुदेश देत हुए तथा ऐसे अनुदेशों और अन्य आवश्यक सूचनाओं से संबंधित गठन/नियम व उप-नियम प्रस्तुत करते हुए.

 अपने ग्राहका को जानिए (केवाईसी) अनुपालन

  1. संभावी खाता धारक को अपनी पहचान तथा पते के समर्थन में निम्नलिखित में से एक अथवा अधिक दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' मानदंडों का पालन करना होगा :

 न्यूनतम शेष

  1. बचत बैंक खाता खोलने तथा अनुरक्षित करने हेतु न्यूनतम शेष:
 बचत बैंक खाते  न्यूनतम शेष का अनुरक्षण
  (i) बचत बैंक खाता खोलने/अनुरक्षण हेतु (चेक बुक सुविधा रहित)   शहरी/
मेट्रो
ग्रामीण/अर्ध-शहरी
रु.250/- रु.100/-
 (ii) बचत बैंक खाता खोलने/अनुरक्षण हेतु (चेक बुक सुविधा सहित) रु.500/-* रु.250/-
 (iii) एटीएम/डेबिट कार्ड धारक  रु.250/- रु.250/-
  (iv)ब.बैं. खाता धारकों का विशेष वर्ग (अर्थात पेंशनर/छात्र)
 क)चेक बुक सुविधा रहित  रु. 50/- रु.50/-
ख) चेक बुक सुविधा सहित  रु.500/-* रु.250/-
ग) एटीएम/डेबिट कार्ड धारक  रु.250/- रु.250/-
*चेक बुक सुविधा वाले ब.बैं. खाता धारक खाता शेष रु.250/- तक कर सकते हैं बशर्ते न्यूनतम शेष का अनुरक्षण न रखने के लिए दंड का भुगतान करें.
  1. यदि न्यूनतम शेष निर्धारित स्तर से नीचे आता है तो निर्धारित दर अनुसार दांडिक/सेवा प्रभार लगाया जाएगा.


पास बुक/शीट

  1. यदि ग्राहक की इच्छा हो तो पास बुक के बदले कंप्यूटरीकृत खाता विवरणी भी जारी की जाती है.
  2.  पास बुक वापस प्राप्त करने/आवधिक आधार पर खाता विवरणी प्राप्त करने में किसी प्रकार की अकारण देरी शाखा प्रमुख के ध्यानार्थ लायी जानी चाहिए.
  3. जमा/खाता धारक द्वारा पास बुक/खाता विवरणी में किसी प्रकार की प्रविष्टियां नहीं की जाएंगी
  4. बैंक स्टाफ द्वारा पास बुक/खाता विवरणी में की गयी किसी प्रकार की हस्तलिखित प्रविष्टियों के लिए अधिकारी/शाखा प्रमुख के प्रमाणीकरण हेतु जोर दिया जाना चाहिए.
  5. धनराशि का जमा/आहरण करते समय अथवा पाक्षिक अवधि में कम से कम एक बार पास बुक शाखा में प्रविष्टियें के अद्यतन हेतु प्रस्तुत की जानी चाहिए.
  6.  जमाकर्ता को पास बुक/खाता विवरणी में प्रविष्टियों की जांच करनी चाहिए और किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति में तत्काल शाखा प्रमुख को जानकारी देनी चाहिए.
  7. यदि पास बुक अद्यतन करने की दिनांक से 3 दिनों के अंदर किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्राप्त नहीं होता है तो बैंक द्वारा यह समझा जाएगा कि प्रविष्टियां सही है और ग्राहक इससे बाध्य होगा.
  8. यदि पास बुक गुम हो जाती है तो डुप्लिकेट पास बुक लिखित अनुरोध तथा लागू प्रभारों के प्रति जारी की जाएगी.


लेनदेन

  1. काउंटर पर खाते में जमा सामान्यतः बैंक द्वारा आपूरित 'जमा पर्ची' द्वारा किया जाएगा बशर्ते बैंक द्वारा अन्यथा अनुमत हो तथा ऐसे जमाओं की पावती बैंक के प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा दी जाएगी.
  2. जमाकर्ता, 'वैकल्पिक सुपुर्दगी चैनल' जैसे एनईएफटी/आरटीजीएस/ ईसीएस/नेट बैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग आदि के द्वारा निहित शर्तों का पालन करते हुए अन्य शाखाओं से खाते में जमा कर सकता है.
  3. खाते में जमा रुपए एक के गुणजों में होगा बशर्ते प्रत्येक अवसर पर न्यूनतम रु.1.00 हो.
  4. आहरण सामान्यतः बैंक द्वारा आपूरित चेक के माध्यम से किया जाएगा. तथापि, बैंक अपने विवेकाधिकार पर आहरण पर्ची, ईसीएस, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, अधिदेश, चेक इमेज जहां चेक ट्रंकेशन उपलब्ध कराया गया हो, आदि के माध्यम से भुगतान की अनुमति दे सकता है.
  5. आहरण पर्ची के माध्यम से आहरण करते समय खाते धारक को नवीनतम पास बुक के साथ काउंटर में मौजूद रहना चाहिए. आहरण पर्चियां तीसरी पार्टी को जारी करने के उद्देश्य से नहीं है और इनका जारी करने के दिनांक पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
  6. यदि चेक बुक प्राप्त ग्राहक चेक बुक का इस्तेमाल न करते हुए नकद/गैर-नकद लेनदेन करना चाहता हो तो ऐसे अनुरोध पर गुणवत्ता के आधार पर केवल मूल/आधार शाखा द्वारा ही विचार किया जा सकता है.
  7. चेक/बिल, भुगतान आदेश, मांग ड्राफ्ट, पेंशन बिल, लाभांश वारंट, रिफंड आदेश, आदि जमाकर्ता की ओर से उसके खाते के माध्यम से बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रभारों की वसूली पर वसूले जा सकते हैं. वसूली हेतु स्वीकार किए गए प्रपत्रों की आगम खाते में वसूल किए जाने पर तथा यदि वसूल किए जाने से पहले ही जमा किए जाते हो तो आहरण केवल प्रपत्रों के वसूल किए जाने के बाद ही अनुमत होगा. इसलिए बैंक के पास वसूली हेतु स्वीकार किए गए प्रपत्र के संबंध में अग्रिम जमा देने की स्थिति में अदत्त लौटाए गए प्रपत्र के लिए ग्राहक के खाते में नामे डालने का अधिकार होगा. अंतरण अथवा वसूली में देरी अथवा अन्यथा के चलते किसी प्रकार की हानि के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं होगा.
  8. ग्राहक द्वारा डाक से भेजे गए सभी चेक, ड्राफ्ट तथा अन्य मूल्यवान प्रपत्र केवल पंजीकृत डाक द्वारा ही भेजे जाने चाहिए. अन्य प्रकार के डाक से ऐसे प्रपत्रों के मार्गस्थ गुम हो जाने अथवा चोरी हो जाने की स्थिति में होनेवाली धोखाधड़ी से उत्पन्न देतया के लिए जवाबदेह नहीं होगा.
  9. अदाकर्ता से चेक गुम हो जाने अथवा चेक का भुगतान रोकने संबंधी नोटिस प्राप्त होने पर ऐसे नोटिस को पंजीकृत किया जाएगा लेकिन बैंक ऐसे चेकों का अंजाने में भुगतान किए जाने अथवा अन्यथा हेतु जवाहदेह नहीं होगा. यदि ऐसा नोटिस टेलिग्राम द्वारा दिया जाता है तो तत्काल इसकी पुष्टि पत्र द्वारा की जानी चाहिए. चेकों के भुगतान रोकने को रिकॉर्ड करने के लिए समय-समय पर निर्धारित सेवा प्रभारों को वसूला जाएगा.
  10. बैंक चेक, आदि को अस्वीकार किए जाने के लिए नोटिस देने हेतु बाध्य नहीं है जब तक कि बैंक द्वारा प्रपत्र प्राप्त नहीं किया जाता है.
  11. चेक लौटाते समय बैंक को चेक के अदाकर्ता का नाम तथा पता देने की आवश्यकता नहीं है भले ही आदाता द्वारा इसका अनुरोध किया गया हो. इसकी जानकारी केवल निम्नलिखित परिस्थितियों में ही दी जानी चाहि
  • क) कोर्ट के आदेशानुसार जानकारी की आवश्यकता हो.
  • ख) जानकारी राज्य की ऐसी एजेंसी को देनी हो जिसको कि संविधि के अधीन अधिकार हो.
  • ग) चेक के अदाकर्ता ने ऐसी जानकारी देने के लिए सहमति प्रकट की है.
  1. केवल बैंक द्वारा की गयी विशेष व्यवस्था को छोड़कर किसी भी खाते में अतिदेयता अनुमत नहीं होगी. अतिदेय राशि पर ब्याज बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर से दैनिक शेष पर परिकलित किया जाएगा और खाते में उस तिमाही के आखिरी दिन प्रभारित किया जाएगा जिसमें खाता अतिदेय हुआ हो अथवा यदि बैंक चाहता है तो पहले भी प्रभारित किया जा सकता है.
  2. जब जमाकर्ता अपना खाता बैंक की एक शाखा से अन्यत्र अंतरित करना चाहता हो तो उसके लिखित अनुरोध पर तथा चेक पन्नों की सुपुर्दगी पर अंतरण नि:शुल्क किया जाएगा लेकिन जमाकर्ता को उसको आपूरित की जानेवाली नयी पासबुक के लिए समय-समय पर निर्धारित सेवा प्रभारों के अनुसार प्रभार का भुगतान करना होगा.
  3. जमाकर्ताओं के लिखित अनुरोध पर खाता बंद किया जा सकेगा और उसमें जमा शेष यदि कोई हो तो जमाकर्ता को इस्तेमाल न किए गए चेक पन्नों तथा चेक बुक की सुपुर्दगी पर किया जाएगा. खाता बंद करने के बाद पास बुक जमाकर्ता को लौटा दी जाएगी.

चेक बुक सुविधा

  1.  खाताधारक निर्धारित न्यूनतम शेष का अनुरक्षण कर चेक बुक सुविधा प्राप्त कर सकते हैं. ऐसे सभी खाताधारकों को प्रति वर्ष 2 चेक बुक नःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है.
  2. बिना चेक बुक सुविधावाले अन्य खाताधारक अपने खातों से नकद का आहरण 'आहरण पर्ची' के माध्यम से कर सकते हैं.

आहरण पर प्रतिबन्ध

  1. एटीएम के जरिए आहरण को छोड़कर अन्य अधिकतम आहरण पर प्रतिबन्ध है. यदि ऐसे आहरण सीमा से अधिक हो तो समय-समय पर बैंक द्वारा निर्धारित दर पर सेवा प्रभार लगाया जाएगा. वर्तमान दर निम्नानुसार है :
विवरण गैर-व्यक्तियों के लिए व्यक्तियों के लिए
 
अर्धवर्ष में चेक के जरिए आहरण 25 बार से अधिक हो तो


रु.5.00 प्रति चेक
ग्रामीणेतर ग्रामीण
रु.5.00 प्रति चेक रु.3.00 प्रति चेक

अवयस्क खाते

  1. अवयस्क के नाम पर अभिभावक द्वारा खोले गए खाते, अवयस्क के वयस्क हो जाने की तारीख से, परिचालन के लिए बन्द हो जाते हैं. 'तद् पूर्व अवयस्क द्वारा आगे के परिचालन हेतु' अभिभावक 'केवाईसी' मानदंडों का पालन करते हुए 'तद्पूर्व अवयस्क' के हस्ताक्षर का अनुप्रमाणन करेंगे.

निक्रिय खाते

  1. यदि खाता धारक द्वारा खाते में परिचालन नहीं किया जाता है तो, अंतिम परिचालन दिनांक से 24 महीने पूर्ण हो जाने पर खाते को निक्रिय खाते में अंतरण किया जाएगा.
  2. बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर पर 'निक्रिय खातों' पर अनुरक्षण प्रभार लगाया जाएगा. अद्यतन प्रभार दरें निम्नानुसार है.
     
विवरण
 
गैर-व्यक्तियों के लिए व्यक्तियों के लिए
ग्रामीणेतर ग्रामीण
i) जहाँ शेष राशि आवश्यक न्यूनतम शेष राशि से कम हो प्रति अर्ध वर्ष रु.147.00 प्रति अर्ध वर्ष रु.49.00 प्रति अर्ध वर्ष रु.39.00
ii) जहाँ शेष राशि आवश्यक न्यूनतम शेष राशि से अधिक हो शून्य  शून्य  शून्य
  1. अपरिचालित खातों पर सेवा प्रभार लग्ने के कारण खातों में शेष राशि शून्य हो जा सकती है. ऐसे शून्य शेष वाले खाते स्वयं बन्द हो जाते हैं तथा उन खातों का परिचालन योग्य स्थिति में लाने हेतु विचार नहीं किया जाएगा. अर्थात् केवाईसी मानदंडों/एएमएल निर्देशों का पालन करते हुए एक नया खाता खोला जा सकता है.
  2. अपरिचालित खातों के लिए 'एनिवेयर बैंकिंग' सुविधा उपलब्ध नहीं है. उनका परिचालन मूल शाखा में ही किया जा सकता है. साथ ही इंटरनेट/मोबाइल/टेली बैंकिंग; एटीएम/डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आरटीजीएस/एनईएफटी सुविधाएँ भी इन अपरिचालित खातों के लिए उपलब्ध नहीं कराई जाएगी.
  3. मूल शाखा को छोडकर अपरिचालित खातों पर प्रस्तुत चेकों को 'इनआपरेटिव खाता मूल शाखा में प्रस्तुत किया जाए' टिप्पणी के साथ वापस किया जाता है. उसी प्रकार उन खातों में कोई जमा प्राप्त होती है तो 'इनआपरेटिव खाता-मूल शाखा में जमा की जाए' टिप्पणी के साथ उसे वापस किया जाता है.

अपरिचालित खातों की समीक्षा

  1. 36. यदि खाता धारक केवाईसी मानदंडों जैसे नवीनतम पासपोर्ट आकार के फोटोग्रॉफ उपलब्ध कराना, दिए गए पते का साक्ष्य, नवीनतम नमूना हस्ताक्षर के साथ परिचालन आदेश, आदि का अनुपालन करते लिखित में अनुरोध करता है तो, बैंक द्वारा अपरिचालित खाते की 'परिचालन स्थिति' में लाने हेतु अपने विवेकाधिकार से समीक्षा की जाएगी.

निक्रिय खाते

  1. यदि खाताधारक द्वारा 'अपरिचालित' स्थिति में रहनेवाले खाते का मूल शाखा में परिचालन नहीं किया जाता है तो उन्हें 'निक्रिय खाता' माना जाएगा और अपरिचालित स्थिति में पिछले परिचालन दिनांक से 36 महीने अथवा 'अपरिचालित' माने जाने के दिनांक जो भी बाद में हो, से खाते को निक्रिय माना जाएगा. निक्रिय खातों का परिचालन करने के लिए खाताधारक पात्र नहीं होगा या उस खाते को 'परिचालन' स्थिति में लाया जा सकता है. फिर भी, निक्रिय खाते में उपलब्ध शेष राशि का दावा खाता धारक, लिखित आवेदन देते हुए कर सकता है. इसके लिए उन्हें अपनी पहचान का साक्ष्य देना होगा और उनके पास रखे गए अप्रयुक्त चेकों (यदि हो तो) को भी वापस करना होगा.
  2. सभी निक्रिय खातों पर 'अपरिचालित' खातों के लिए लागू सेवा प्रभार लगाया जाता है.
  3. सेवा प्रभार वसूल करने के कारण अथवा अन्यथा, शून्य बन गये सभी निक्रिय खाते स्वयं बंद हो जाते हैं.

ब्याज भुगतान/प्रभार लगाना

  1. बचत बैंक खाते पर निर्धारित दर से दैनिक उत्पाद पर ब्याज दिया जाता है. ऐसा ब्याज फरवरी से जुलाई व अगस्त से जनवरी तक की अवधि के लिए परिकलित किया जाता है और परवर्ती माह की पहली तारीख को जमा किया जाता है. परिकलित ब्याज को निकटतम रुपये में दिया जाता है. यदि ब्याज की राशि एक रुपये से कम हो तो उस अर्ध वर्ष के लिए ब्याज नहीं दिया जाएगा.
  2. खाते में निर्धारित सीमा से अधिक नकद राशि जमा की जाती है तो बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर से सेवा प्रभार वसूल किया जाएगा.
  3. खाता बन्द किए जाने पर प्रासंगिक प्रभार वसूल किया जाएगा (किसी खाताधारक की मृत्यु, किसी अन्य शाखा में स्थानांतरण, सावधि जमा में अंतरण अथवा अन्य संयुक्त खोलने के मामलों को छोड़कर).

नामांकन सुविधा

  1.  नामांकन सुविधा उपलब्ध है.


वैकल्पिक सुपुर्दगी माध्यम

  1. जमाकर्ता, निर्धारित मानदंडों का पालन करते हुए किसी भी बैंक/किसी भी शाखा/कभी भी बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. इसमें संप्रति अंतर शाखा विप्रेषण, आरटीजीएस/ ईसीएस/एनईएफटी सुविधा/एसएमएस-ई मेल अलर्ट सुविधा, वी-नेट बैंकिंग/मोबइल बैंकिंग/ टेली बैंकिंग सुविधा/क्रेडिट/डेबिट एटीएम कार्ड सुविधा आदि सम्मिलित है.
  2. निर्धारित शुल्क/प्रभार जहाँ भी लागू हो, के प्रति स्थाई अनुदेशों को मूल शाखा में स्वीकार किया जा सकता है. जमाकर्ता जिन्हें विप्रेषण/भुगतान, बारंबार किए जानेवाले जमा जैसे बीमा प्रीमियम का भुगतान/अंशदान/निधि का विप्रेषण, किसी जमाराशि खाते या ऋण खाते में किश्त का भुगतान आदि करना हो, वे अग्रिम सूचना देते हुए अपनी शाखा जहाँ उनके खाते अनुरक्षित हैं, में उनकी ओर से ऐसे भुगतान, विप्रेषण निर्धारित दिनांकों को उनके खाते नामे डालते हुए भुगतान करने के लिए स्थायी अनुदेश दे सकते हैं. तथापि, बैंक को अनुदेशों का पालन न करने के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा, यदि ऐसा न करने के कारण उसके नियंत्रण से बाहर हों, जैसे, पर्याप्त राशि न रखना, हड़ताल दंगे, नागरिक प्रतिरोध, भगवान की मर्जी, आदि. बैंक उपरोक्त सेवा समय-समय पर निर्धारित प्रभारों के भुगतान के प्रति उपलब्ध कराता है.
  3. चेक बुक, ईसीएस सुविधा, भुगतान रोकने के अनुदेश को नोट करना, गुम हुए खाली (ब्लैंक) चेक की सूचना आदि, मात्र पर विचार केवल मूल शाखा में किया जाता है तथा उन पर नियमानुसार सेवा प्रभार लगाया जाता है.
  4. मूल शाखा को छोडकर अन्य शाखाओं में नकद आहरणः मूल शाखा के अलावा भी खाता धारक अपने खाते से नकद का आहरण चेक देते हुए किसी अन्य शाखा से भी कर सकता है. इस सुविधा के लिए निर्धारित नियमों का उन्हें पालन करना होगा.
  5. मूल शाखा के अलावा खाता धारक अपने खाते में किसी भी शाखा से राशि जमा कर सकता है. इसके लिए उन्हें निर्धारित नियमों व शर्तों का पालन करना होगा.


ग्राहक के दायित्व

  1. बैंक द्वारा जारी पास बुक तथा चेक बुक दोनों को खाता धारक द्वारा अपनी वैयक्तिक/सुरक्षित अभिरक्षा में रखना चाहिए ताकि कोई अन्य बेईमान व्यक्ति उसका गलत फायदा न उठाएं.
  2. पते में परिवर्तन, टेलीफोन संख्या में बदलाव आदि होने पर ग्राहक द्वारा उसकी सूचना बैंक को दी जानी चाहिए अन्यथा बैंक द्वारा, ग्राहक का पता लगाने हेतु व्यय किए गए प्रभारों का भुगतान ग्राहक को करना पडेगा.
  3. जब कभी ग्राहक के हस्ताक्षर की शैली बदलती है तो उसके अद्यतन हस्ताक्षर/फोटोग्राफ को एक पत्र के ज़रिए बैंक में दर्ज कराना है अथवा पिछले अद्यतन को 10 साल में एक बार (वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 2 साल में एक बार) जो भी पहले हो, अद्यतन कराना है. अन्यथा बैंक द्वारा इसे खाते में अनियमितता माना जाएगा और इसके बाद भुगतान हेतु प्रस्तुत किसी या सभी चेकों को 'रेफर टु ड्राअर' व खाता बन्द करके शेष राशि कुछ हो तो उसे वापस करने का अधिकार बैंक को होगा.
  4. यदि वसूली के लिए चेक जमा किया जाता है तो खाताधारक यह सुनिश्चित करें कि उचित समय के अन्दर प्राप्तियाँ उनके खाते में जमा की जाती हैं. अन्यथा मामले को बैंक या तो मूल शाखा अथवा जहाँ प्रपत्र जमा किया गया उस शाखा के पास भेजेगा.
  5. ग्राहक, अपने संस्थापन में परिवर्तन, परिचालन अनुदेश में कोई परिवर्तन हो तो उसकी सूचना बैंक को अवश्य दें.

बैंक के अधिकार

  1. जमाराशियों पर बैंक का परमाधिकार होगा और बैंक के पास जमाकर्ता की किसी भी प्रकार की वित्तीय बाध्यताओं के लिए बैंक को जमाराशि का उचित विनियोजन करने का अधिकार होगा.
  2. अनाधिकृत रूप से परिवर्तन किए हुए व/या पेंसिल से लिखे गए चेकों/आहरण पर्ची का भुगतान करने से इन्कार करने का बैंक को अधिकार होगा.
  3. बैंक द्वारा किसी भी समय पाई गई गलतियों को सुधारने/रिवर्स करने का अधिकार भी बैंक को होगा.
  4. खाता धारक द्वारा जारी चेक अपर्याप्त निधि के कारण अथवा अन्य किसी अनियमितता के कारण लौटाया जाता है तो खाताधारक को चेतावनी देने, आगे चेक बुक जारी न करने व खाता बन्द करने का अधिकार बैंक के पास सुरक्षित होगा.
  5. खाता धारक(कों) को सूचना दिए बिना किसी भी समय उक्त नियमों को परिवर्तित करने, जोड़ने, छोड़ने का अधिकार बैंक को होगा और ऐसे जोड़े गए/छोड़े गए/परिवर्तन जमाकर्ता(ओं) पर बाध्य होंगे.

बैंक के राजभाषा साइट का उपयोग करने के लिए यहां क्लिक करें

 

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