चालू खाता

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खाता कौन खोल सकता है

 1. चालू खाता एकल व्यक्ति/एचयूएफ, स्वामित्व संस्था, साझेदारी फर्म, कंपनी, न्यास, स्थानीय निकाय, सरकारी विभाग द्वारा निर्धारित खाता खोलने के फार्म पर हस्ताक्षर कर तथा उचित परिचय, पहचान, पता साक्ष्य आदि जो कि निर्धारित दस्तावेजों के साथ हो, उपलब्ध करा कर खोला जा सकता है.


अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड

1.  संभावी खाता धारक को अपनी पहचान तथा पते के समर्थन में निम्नलिखित में से एक अथवा अधिक दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' मानदंडों का पालन करना होगा :

कंपनियों के खाते
  • कंपनी का नाम
  • कारोबार का मूल स्थान
  • कंपनी का पत्राचार पता
  • टेलिफोन/फैक्स नंबर
  1. निगमन प्रमाणपत्र तथा संस्था के ज्ञापन तथा अंतर्नियम
  2. मंडल निदेशकों का खाता खोलने तथा खाते के परिचालन के लिए प्राधिकारियों की पहचान हेतु संकल्प
  3. उसके प्रबंधकों, अधिकारियों अथवा कर्मचारियों को उसकी ओर से कारोबार लेनदेन हेतु प्रदान किया गया मुख्तारनामा
  4. पीएएन आबंटन पत्र की प्रति
  5. टेलिफोन बिल की प्रति
   साझेदार फर्म के खाते
  • विधिक नाम
  • पता
  • सभी साझेदारों के नाम और उनका पता
  • फर्म तथा साझेदारों के टेलिफोन नंबर
  1. पंजीकरण प्रमाणपत्र, यदि पंजीकृत हो तो
  2. साझेदारी विलेख
  3. किसी साझेदार अथवा फर्म के कर्मचारी को फर्म की ओर से कारोबार लेनदेन हेतु प्रदान किया गया मुख्तारनामा
  4. कोई अधिकारिक वैध दस्तावेज जिससे मुख्तारनामा धारी भागीदारों तथा व्यक्तियों और उनके पतों की पहचान की जा सके
  5. फर्म/साझेदारों के नाम से टेलिफोन बिल
न्यास व प्रतिष्ठानों के खाते
  • न्यासियों, अधिवासियों, हिताधिकारियों तथा हस्ताक्षरियों के नाम
  • न्यासियों, अधिवासियों, हिताधिकारियों तथा हस्ताक्षरियों के नाम
  • टेलिफोन/फैक्स संख्या
  1. पंजीकरण प्रमाणपत्र, यदि पंजीकृत हो तो
  2. कारोबार लेनदेन हेतु प्रदान किया गया मुख्तारनामा
  3. कोई अधिकारिक वैध दस्तावेज जिससे न्यासियों, अधिवासियों, हिताधिकारियों तथा मुख्तारनामा धारियों, संस्थापक, प्रबंधकों/निदेशकों और उनके पतों की पहचान की जा सके
  4. प्रतिष्ठान/संघ के प्रबंधन निकाय का संकल्प
  5. टेलिफोन बिल

 परिचय
1. संभावी खाताधारक की पहचान बैंक द्वारा स्वीकृत तीसरे पक्ष द्वारा की जानी चाहिए

 

न्यूनतम शेष
1. चालू खाता खोलने तथा अनुरक्षित करने के लिए न्यूनतम शेष :

विवरण न्यूनतम शेष (`.)
शहरीय / महानगरीय शाखाओं में 1000
अन्य केंद्रों में 500
सभी केंद्रों में एटीएम कार्ड धारक 1000

1. यदि न्यूनतम शेष निर्धारित स्तर से नीचे आता है तो निर्धारित दर अनुसार दांडिक/सेवा प्रभार लगाया जाएगा.

पासबुक/ खाता विवरणी :
 

  1. पास बुक के बदले कंप्यूटरीकृत खाता विवरणी जारी की जाती है. ऐसे खाती विवरणी की साफ्ट प्रति ग्राहक के उपलब्‍ध ई-मेईल आईडी में, अगर वह चाहता/चाहती है तो प्रेषित की जाती हैं.
  2. आवधिक आधार पर खाता विवरणी प्राप्त करने में किसी प्रकार की अकारण देरी शाखा प्रबंधक के ध्यानार्थ लायी जानी चाहिए.
  3. जमा/खाता धारक द्वारा खाता विवरणी में किसी प्रकार की प्रविष्टियां नहीं की जाएंगी.
  4. बैंक स्टाफ द्वारा खाता विवरणी में की गयी किसी प्रकार की हस्तलिखित प्रविष्टियों के लिए अधिकारी/शाखा प्रमुख के प्रमाणीकरण हेतु जोर दिया जाना चाहिए.
  5. जमाकर्ता को खाता विवरणी में प्रविष्टियों की जांच करनी चाहिए और किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति में तत्काल शाखा प्रमुख को जानकारी देनी चाहिए.
  6. यदि खाता विवरणी अद्यतन करने की दिनांक से 3 दिनों के अंदर किसी प्रकार का अभ्यावेदन प्राप्त नहीं होता है तो बैंक द्वारा यह समझा जाएगा कि प्रविष्टियां सही है और ग्राहक इससे बाध्य होगा.
  7. यदि जमाकर्ता अतिरिक्त खाता विवरणी प्राप्त करने का इच्छुक हो तो वह लिखित अनुरोध तथा लागू प्रभारों के प्रति जारी की जाएगी.

लेनदेन :
 

  1. काउंटर पर खाते में जमा सामान्यतः बैंक द्वारा आपूरित 'जमा पर्ची' द्वारा किया जाएगा बशर्ते बैंक द्वारा अन्यथा अनुमत हो तथा ऐसे जमाओं की पावती बैंक के प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा दी जाएगी.
  2. जमाकर्ता, 'वैकल्पिक सुपुर्दगी चैनल' जैसे एनईएफटी/आरटीजीएस/ईसीएस/नेट बैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग आदि के द्वारा निहित शर्तों का पालन करते हुए अन्य शाखाओं से खाते में जमा कर सकता है.
  3. खाते में जमा रुपए एक के गुणजों में होगा बशर्ते प्रत्येक अवसर पर न्यूनतम रू. 1.00 हो.
  4. आहरण सामान्यतः बैंक द्वारा आपूरित चेक के माध्यम से किया जाएगा. तथापि, बैंक अपने विवेकाधिकार पर आहरण पर्ची, ईसीएस, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, अधिदेश, चेक इमेज जहां चेक ट्रंकेशन उपलब्ध कराया गया हो, आदि के माध्यम से भुगतान की अनुमति दे सकता है.
  5. यदि चेक बुक प्राप्त ग्राहक चेक बुक का इस्तेमाल न करते हुए नकद/गैर-नकद लेनदेन करना चाहता हो तो ऐसे अनुरोध पर गुणवत्ता के आधार पर केवल मूल/आधार शाखा द्वारा ही विचार किया जा सकता है.
  6. चेक/बिल, भुगतान आदेश, मांग ड्राफ्ट, पेंशन बिल, लाभांश वारंट, रिफंड आदेश, आदि जमाकर्ता की ओर से उसके खाते के माध्यम से बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रभारों की वसूली पर वसूले जा सकते हैं. वसूली हेतु स्वीकार किए गए प्रपत्रों की आगम खाते में वसूल किए जाने पर तथा यदि वसूल किए जाने से पहले ही जमा किए जाते हो तो आहरण केवल प्रपत्रों के वसूल किए जाने के बाद ही अनुमत होगा. इसलिए बैंक के पास वसूली हेतु स्वीकार किए गए प्रपत्र के संबंध में अग्रिम जमा देने की स्थिति में अदत्त लौटाए गए प्रपत्र के लिए ग्राहक के खाते में नामे डालने का अधिकार होगा. अंतरण अथवा वसूली में देरी अथवा अन्यथा के चलते किसी प्रकार की हानि के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं होगा.
  7. ग्राहक द्वारा डाक से भेजे गए सभी चेक, ड्राफ्ट तथा अन्य मूल्यवान प्रपत्र केवल पंजीकृत डाक द्वारा ही भेजे जाने चाहिए. अन्य प्रकार के डाक से ऐसे प्रपत्रों के मार्गस्थ गुम हो जाने अथवा चोरी हो जाने की स्थिति में होनेवाली धोखाधड़ी से उत्पन्न देतया के लिए जवाबदेह नहीं होगा.
  8. अदाकर्ता से चेक गुम हो जाने अथवा चेक का भुगतान रोकने संबंधी नोटिस प्राप्त होने पर ऐसे नोटिस को पंजीकृत किया जाएगा लेकिन बैंक ऐसे चेकों का अंजाने में भुगतान किए जाने अथवा अन्यथा हेतु जवाहदेह नहीं होगा. यदि ऐसा नोटिस टेलिग्राम द्वारा दिया जाता है तो तत्काल इसकी पुष्टि पत्र द्वारा की जानी चाहिए. चेकों के भुगतान रोकने को रिकॉर्ड करने के लिए समय-समय पर निर्धारित सेवा प्रभारों को वसूला जाएगा.
  9. बैंक चेक, आदि को अस्वीकार किए जाने के लिए नोटिस देने हेतु बाध्य नहीं है जब तक कि बैंक द्वारा प्रपत्र प्राप्त नहीं किया जाता है.
  10. चेक लौटाते समय बैंक को चेक के अदाकर्ता का नाम तथा पता देने की आवश्यकता नहीं है भले ही आदाता द्वारा इसका अनुरोध किया गया हो. इसकी जानकारी केवल निम्नलिखित परिस्थितियों में ही दी जानी चाहिए :
  • कोर्ट के आदेशानुसार जानकारी की आवश्यकता हो.
  • जानकारी राज्य की ऐसी एजेंसी को देनी हो जिसको कि संविधि के अधीन अधिकार हो.
  • चेक के अदाकर्ता ने ऐसी जानकारी देने के लिए सहमति प्रकट की है.
  1. केवल बैंक द्वारा की गयी विशेष व्यवस्था को छोड़कर किसी भी खाते में अतिदेयता अनुमत नहीं होगी. अतिदेय राशि पर ब्याज बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर से दैनिक शेष पर परिकलित किया जाएगा और खाते में उस तिमाही के आखिरी दिन प्रभारित किया जाएगा जिसमें खाता अतिदेय हुआ हो अथवा यदि बैंक चाहता है तो पहले भी प्रभारित किया जा सकता है. अतिदेय राशि का अतिदेय दिनांक से एक सप्ताह के अंदर भुगतान किया जाना चाहिए भले ही बैंक द्वारा पहले ही उसकी मांग न की गयी हो.
  2. जब जमाकर्ता अपना खाता बैंक की एक शाखा से अन्यत्र अंतरित करना चाहता हो तो उसके लिखित अनुरोध पर तथा चेक पन्नों की सुपुर्दगी पर अंतरण नि:शुल्क किया जाएगा लेकिन जमाकर्ता को उसको आपूरित की जानेवाली नयी पासबुक के लिए समय-समय पर निर्धारित सेवा प्रभारों के अनुसार प्रभार का भुगतान करना होगा.
  3. जमाकर्ताओं के लिखित अनुरोध पर खाता बंद किया जा सकेगा और उसमें जमा शेष यदि कोई हो तो जमाकर्ता को इस्तेमाल न किए गए चेक पन्नों तथा चेक बुक की सुपुर्दगी पर किया जाएगा. खाता बंद करने के बाद पास बुक जमाकर्ता को लौटा दी जाएगी


चेक बुक सुविधा :
 

  1. सभी चालू खाता धारकों को चेक बुक की लागत के प्रति चेक बुक उपलब्ध करायी गयी है.


निक्रिय खाते :
 

  1. यदि खाता धारक द्वारा खाते में परिचालन नहीं किया जाता है तो, अंतिम परिचालन दिनांक से 24 महीने पूर्ण हो जाने पर खाते को निक्रिय खाते में अंतरण किया जाएगा.
  2. बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर पर 'निक्रिय खातों' पर अनुरक्षण प्रभार लगाया जाएगा. अद्यतन प्रभार दरें निम्नानुसार है.
विवरण गैर-व्यक्तियों के लिए व्यक्तियों के लिए
i) जहाँ शेष राशि आवश्यक न्यूनतम शेष राशि से कम हो प्रति अर्ध वर्ष रु.147.00 ग्रामीण के अलावा  ग्रामीण
प्रति अर्ध वर्ष रु.74.00 प्रति अर्ध वर्ष रु.39.00
ii) जहाँ शेष राशि आवश्यक न्यूनतम शेष राशि से अधिक हो रु.98.00 शून्य शून्य
  1. अपरिचालित खातों पर सेवा प्रभार लग्ने के कारण खातों में शेष राशि शून्य हो जा सकती है. ऐसे शून्य शेष वाले खाते स्वयं बन्द हो जाते हैं तथा उन खातों का परिचालन योग्य स्थिति में लाने हेतु विचार नहीं किया जाएगा. अर्थात् केवाईसी मानदंडों/एएमएल निर्देशों का पालन करते हुए एक नया खाता खोला जा सकता है.
  2. अपरिचालित खातों के लिए 'एनिवेयर बैंकिंग' सुविधा उपलब्ध नहीं है. उनका परिचालन मूल शाखा में ही किया जा सकता है. साथ ही इंटरनेट/मोबाइल/टेली बैंकिंग; एटीएम/डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आरटीजीएस/एनईएफटी सुविधाएँ भी इन अपरिचालित खातों के लिए उपलब्ध नहीं कराई जाएगी.
  3. मूल शाखा को छोडकर अपरिचालित खातों पर प्रस्तुत चेकों को 'इनआपरेटिव खाता मूल शाखा में प्रस्तुत किया जाए' टिप्पणी के साथ वापस किया जाता है. उसी प्रकार उन खातों में कोई जमा प्राप्त होती है तो 'इनआपरेटिव खाता-मूल शाखा में जमा की जाए' टिप्पणी के साथ उसे वापस किया जाता है.


अपरिचालित खातों की समीक्षा :
 

  1. यदि खाता धारक केवाईसी मानदंडों जैसे नवीनतम पासपोर्ट आकार के फोटोग्रॉफ उपलब्ध कराना, दिए गए पते का साक्ष्य, नवीनतम नमूना हस्ताक्षर के साथ परिचालन आदेश, आदि का अनुपालन करते लिखित में अनुरोध करता है तो, बैंक द्वारा अपरिचालित खाते की 'परिचालन स्थिति' में लाने हेतु अपने विवेकाधिकार से समीक्षा की जाएगी.


निक्रिय खाते :

  1. यदि खाताधारक द्वारा 'अपरिचालित' स्थिति में रहनेवाले खाते का मूल शाखा में परिचालन नहीं किया जाता है तो उन्हें 'निक्रिय खाता' माना जाएगा और अपरिचालित स्थिति में पिछले परिचालन दिनांक से 36 महीने अथवा 'अपरिचालित' माने जाने के दिनांक जो भी बाद में हो, से खाते को निक्रिय माना जाएगा. निक्रिय खातों का परिचालन करने के लिए खाताधारक पात्र नहीं होगा या उस खाते को 'परिचालन' स्थिति में लाया जा सकता है. फिर भी, निक्रिय खाते में उपलब्ध शेष राशि का दावा खाता धारक, लिखित आवेदन देते हुए कर सकता है. इसके लिए उन्हें अपनी पहचान का साक्ष्य देना होगा और उनके पास रखे गए अप्रयुक्त चेकों (यदि हो तो) को भी वापस करना होगा.
  2. सभी निक्रिय खातों पर 'अपरिचालित' खातों के लिए लागू सेवा प्रभार लगाया जाता है.
  3. सेवा प्रभार वसूल करने के कारण अथवा अन्यथा, शून्य बन गये सभी निक्रिय खाते स्वयं बंद हो जाते हैं.

ब्याज तथा प्रभार :

  1. चालू खाते पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा.
  2. बैंक के पास चालू खाते में विभिन्न मुद्दों पर समय-समय पर सेवा प्रभार लगाने का अधिकार है, जो कि वर्तमान में निम्नानुसार है :

विवरण गैर-व्‍यक्तियों के लिए  व्‍यक्तियों के लिए
   ग्रामीण के अलावा  ग्रामीण
2 3 4 5
कम्‍प्‍यूटरीकृत के लिए (40 प्रविष्टियॉं या उसके अंश को एक लेजर पन्‍ना/फोलियो के रूप में मान लिय जाएगा) – प्रत्‍येक फोलियो प्रत्‍येक अर्ध-वर्ष के लिए प्रभार  रु.  98.00 रु. 98.00 रु. 98.00

 

  1. खाते में निर्धारित सीमा से अधिक नकद राशि जमा की जाती है तो बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर से सेवा प्रभार वसूल किया जाएगा.
  2. खाता बन्द किए जाने पर प्रासंगिक प्रभार वसूल किया जाएगा (किसी खाताधारक की मृत्यु, किसी अन्य शाखा में स्थानांतरण, सावधि जमा में अंतरण अथवा अन्य संयुक्त खोलने के मामलों को छोड़कर).

नामांकन सुविधा :

  1. नामांकन सुविधा एकल व्यक्तियों तथा स्वामित्व संस्थाओं के लिए उपलब्ध है.


वैकल्पिक सुपुर्दगी माध्यम :

  1.  जमाकर्ता, निर्धारित मानदंडों का पालन करते हुए किसी भी बैंक/किसी भी शाखा/कभी भी बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. इसमें संप्रति अंतर शाखा विप्रेषण, आरटीजीएस/ ईसीएस/एनईएफटी सुविधा/एसएमएस-ई मेल अलर्ट सुविधा, वी-नेट बैंकिंग/मोबइल बैंकिंग/ टेली बैंकिंग सुविधा/क्रेडिट/डेबिट एटीएम कार्ड सुविधा आदि सम्मिलित है.
  2. निर्धारित शुल्क/प्रभार जहाँ भी लागू हो, के प्रति स्थाई अनुदेशों को मूल शाखा में स्वीकार किया जा सकता है. जमाकर्ता जिन्हें विप्रेषण/भुगतान, बारंबार किए जानेवाले जमा जैसे बीमा प्रीमियम का भुगतान/अंशदान/निधि का विप्रेषण, किसी जमाराशि खाते या ऋण खाते में किश्त का भुगतान आदि करना हो, वे अग्रिम सूचना देते हुए अपनी शाखा जहाँ उनके खाते अनुरक्षित हैं, में उनकी ओर से ऐसे भुगतान, विप्रेषण निर्धारित दिनांकों को उनके खाते नामे डालते हुए भुगतान करने के लिए स्थायी अनुदेश दे सकते हैं. तथापि, बैंक को अनुदेशों का पालन न करने के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा, यदि ऐसा न करने के कारण उसके नियंत्रण से बाहर हों, जैसे, पर्याप्त राशि न रखना, हड़ताल दंगे, नागरिक प्रतिरोध, भगवान की मर्जी, आदि. बैंक उपरोक्त सेवा समय-समय पर निर्धारित प्रभारों के भुगतान के प्रति उपलब्ध कराता है.
  3. चेक बुक, ईसीएस सुविधा, भुगतान रोकने के अनुदेश को नोट करना, गुम हुए खाली (ब्लैंक) चेक की सूचना आदि, मात्र पर विचार केवल मूल शाखा में किया जाता है तथा उन पर नियमानुसार सेवा प्रभार लगाया जाता है.
  4. मूल शाखा को छोडकर अन्य शाखाओं में नकद आहरणः मूल शाखा के अलावा भी खाता धारक अपने खाते से नकद का आहरण चेक देते हुए किसी अन्य शाखा से भी कर सकता है. इस सुविधा के लिए निर्धारित नियमों का उन्हें पालन करना होगा.
  5. मूल शाखा के अलावा खाता धारक अपने खाते में किसी भी शाखा से राशि जमा कर सकता है. इसके लिए उन्हें निर्धारित नियमों व शर्तों का पालन करना होगा.
  6. यदि अपरिचालित खाते के अधीन कोई चेक समाशोधन में प्रस्तुत किया जाता है जहां आवक समाशोधन केंद्रीकृत हो तो ऐसे चेक को अंतर सोल के माध्यम से संबंधित खाते में नामे नहीं डाला जा सकता है और इसलिए उसे "अपरिचालित खाता - मूल शाखा में प्रस्तुत करें" कारण के साथ लौटाया जाएगा.

ग्राहक के दायित्व :
 

  1. जमाकर्ता चेक बुक को सुरक्षित अभिरक्षा में रखेगा. चेक बुक अथवा खाली चेक पन्ने अथवा भरे हुए चेक पन्नों की गुमशुदी की रिपोर्ट तत्काल बैंक को की जानी चाहिए. इन सावधानियों को न बरतने से होनेवाली हानि के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं रहेगा.
  2. जब कभी ग्राहक के हस्ताक्षर की शैली बदलती है तो उसके अद्यतन हस्ताक्षर/फोटोग्राफ को एक पत्र के ज़रिए बैंक में दर्ज कराना है अथवा पिछले अद्यतन को 10 साल में एक बार (वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 2 साल में एक बार) जो भी पहले हो, अद्यतन कराना है. अन्यथा बैंक द्वारा इसे खाते में अनियमितता माना जाएगा और इसके बाद भुगतान हेतु प्रस्तुत किसी या सभी चेकों को 'रेफर टु ड्राअर' व खाता बन्द करके शेष राशि कुछ हो तो उसे वापस करने का अधिकार बैंक को होगा.
  3. पते में परिवर्तन, टेलीफोन संख्या में बदलाव आदि होने पर ग्राहक द्वारा उसकी सूचना बैंक को दी जानी चाहिए अन्यथा बैंक द्वारा, ग्राहक का पता लगाने हेतु व्यय किए गए प्रभारों का भुगतान ग्राहक को करना पडेगा.
  4. यदि वसूली के लिए चेक जमा किया जाता है तो खाताधारक यह सुनिश्चित करें कि उचित समय के अन्दर प्राप्तियाँ उनके खाते में जमा की जाती हैं. अन्यथा मामले को बैंक या तो मूल शाखा अथवा जहाँ प्रपत्र जमा किया गया उस शाखा के पास भेजेगा.
  5. ग्राहक, अपने संस्थापन में परिवर्तन, परिचालन अनुदेश में कोई परिवर्तन हो तो उसकी सूचना बैंक को अवश्य दें.

बैंक के दायित्व :

  1. जमाराशियों पर बैंक का परमाधिकार होगा और बैंक के पास जमाकर्ता की किसी भी प्रकार की वित्तीय बाध्यताओं के लिए बैंक को जमाराशि का उचित विनियोजन करने का अधिकार होगा.
  2. अनाधिकृत रूप से परिवर्तन किए हुए व/या पेंसिल से लिखे गए चेकों/आहरण पर्ची का भुगतान करने से इन्कार करने का बैंक को अधिकार होगा.
  3. यदि खाते का परिचालन ठीक से नहीं किया जाता है अथवा खाते में अनियमितता है तो बैंक के पास नोटिस देते हुए खाते को बंद करने का अधिकार होगा तथा खाते में शेष राशि को लौटाया जाएगा.
  4. बैंक द्वारा किसी भी समय पाई गई गलतियों को सुधारने/रिवर्स करने का अधिकार भी बैंक को होगा.
  5. खाता धारक(कों) को सूचना दिए बिना किसी भी समय उक्त नियमों को परिवर्तित करने, जोड़ने, छोड़ने का अधिकार बैंक को होगा और ऐसे जोड़े गए/छोड़े गए/परिवर्तन जमाकर्ता(ओं) पर बाध्य होंगे.

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