इलेक्‍ट्रॉनिक विप्रेषण सेवाएं
ग्राहकों को सूचना इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों (आरटीजीएस/एनईएफटी/एनईसीएस ) के लिए आवक लेनदेन संसाधन पूर्णत : खाता संख्या (15 अंकोंवाली संख्या ) के आधार पर कर दिया है.
 
भा.रि.बैं. ने 1 जनवरी, 2011 से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों (आरटीजीएस/एनईएफटी/एनईसीएस ) के लिए आवक लेनदेन संसाधन पूर्णत : खाता संख्या (15 अंकोंवाली संख्या ) के आधार पर कर दिया है.
 
ग्राहकों को एतद्द्वारा सूचना दी जाती है कि बिना उपरोक्त अनुपालन वाले ईसीएस/आरटीजीएस/एनईएफटी रद्द/वापस/अस्वीकृत किए जा सकते हैं.
 
जिन ग्राहकों ने विभिन्न सुविधा बिल भुगतान/बीमा प्रीमियम/म्युचुअल फंड/डीमैट खाता सेवाएं/कंपनी में जमा/वेतन जमा आदि के लिए ईसीएस सुविधा ली हो/लेना चाहते हो उनसे अनुरोध है कि वे अपनी यूजर संस्थाओं को दिए गए ईसीएस अधिदेश को दोनों ईसीएस जमा तथा ईसीएस नामे के लिए अपनी सही 15 अंकों वाले खाता संख्या के साथ तत्काल 31.12.2010 तक अद्यतित करें.
 
आवक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान (आरटीजीएस/एनईएफटी/एनईसीएस ) प्राप्त करते समय अपनी कोर बैंकिंग शाखाओं को 15 अंकों वाला सीबीएस खाता संख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
दक्ष एवं सुरक्षित ढंग से आपको भुगतान करने और प्राप्तियां स्वीकार करने के लिए विजया बैंक इलेक्ट्रॉनिक प्रेषण सेवाएं प्रदान करता है. ये सेवाएं, अन्य बड़े शहरों के अलावा कोलकाता, चेन्नै, दिल्ली और मुंबई जैसे महा नगरों में उपलब्ध है.

हमारे समस्त ग्राहकों को ईसीएस(जमा) और ईसीएस(नामे/शीघ्र) सेवाएं नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं.
 
ईसीएस (जमा समाशोधन)

अब डाक में विलंब होने का झंझट नहीं होगा, कोई वारंट गुम होने का खतरा नहीं होगा और आपके खाते में प्राप्‍त वारंट जमा करने में कोई विलंब नहीं होगा.

हमारी ईसीएस(जमा) सुविधा के जरिए, कंपनियों और संस्थाओं से आपको देय लाभांश वारंट/ब्याज भुगतान, आपके खाते में नियत तारीख को फौरन और अपने आप जमा होंगे.

इसके लिए आपको ईसीएस के लिए उस कंपनी को जिससे आपको भुगतान मिलने हों, ईसीएस(जमा) का विकल्प देना पड़ेगा जिसमें हमारे पास रखे गए आपके खाते के ब्यौरे दिए जाते हैं जैसे; शाखा का नाम, खाते का प्रकार, खाता संख्या. जिस कंपनी में आपने निवेश किया गया हो उस कंपनी से प्राप्त आपकी लाभांश/ब्याज राशि, ईसीएस(जमा) के जरिए आपके खाते में अपने आप जमा होगी.

यूटीआई, आईसीआईसीआई और टाटा फाइनांस जैसी संस्थाओं ने ईसीएस से लाभांश भुगतान करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है. निवेशकर्ता और कंपनी के फ़ायदे देखते हुए उम्‍मीद है अधिक कंपनियां यही रुख अपनाएंगी.
 
ईसीएस (नामे/शीघ्र)

अब बिल का भुगतान करने में प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं होगी और समय बरबाद नहीं होगा तथा वसूली केंद्र तक जाने की नौबत नहीं आएगी.

हमारी ईसीएस (नामे/शीघ्र) सेवा की मदद से आसानी से बिलों का भुगतान किया जा सकेगा. जब कभी बिल आएं, ईसीएस (नामे/शीघ्र) के जरिए अब आपके बिजली, जल और टेलीफोन बिल सीधे आपके खाते में नामे डाले जा सकेंगे.

बस आपको इतना करना होगा कि आप अपनी कंपनी को अपने खाते के ब्यौरे के साथ एक बार विकल्प दें और तदनंतर बिल आपके पास नहीं भेजे जाएंगे बल्कि आपके खाते में सीधे नामे डाले जाएंगे. बस आपको बिल के साथ आवधिक नामे सूचना मिलेगी.

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए, आपको अपनी कंपनी के पास एक विकल्प देना पड़ेगा और यह सुनिश्चित होगा कि आपके खाते में बिल रकम की पूर्ति के लिए पर्याप्त रकम रखी जाती है.

मुंबई और चेन्नै में बिजली और टेलीफान बिल का भुगतान करने के लिए ईसीएस (नामे/शीघ्र) का उपयोग किया जा रहा है. यथाशीघ्र यह सेवा सभी प्रमुख शहरों में और शीघ्र ही
बेंगलूर, पुणे, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों में बढ़ाने की आशा है.

उन केंद्रों के नाम जहां ईसीएस सुविधा प्रदान की जा रही है :
मुंबई, नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नै, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलूर, पुणे, कानपुर, नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पटना, भुवनेश्र्वर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम.

उन केंद्रों के नाम जहां ईसीएस सुविधा बढ़ाई जाएगी:
लखनऊ, कोईंबत्तूर, अमृतसर, लुधियाना और बड़ौदा.

ईसीएस भुगतान - बचत बैंक खाते से अदत्‍त लौटाए जाने पर हर बार 22/- रु. लिए जाएंगे.अगर सीडी/ओडी खाता से अदत्‍त लौटाए जाने पर हर बार 29/- रु.
 

इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण : एनईएफटी / आरटीजीएस
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी)
(धन अंतरण के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान चैनल)

देखने / ग्राहक सुविधा केंद्र के विवरण डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें

1. राष्‍ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) प्रणाली एक इलेक्ट्रॉनिक धन अंतरणर प्रणाली हैं जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा एक भागीदार बैंक / शाखा के ग्राहक के खाते से किसी अन्य भागीदार बैंक / शाखा के ग्राहक के खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंकों को धन अंतरण के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू किया गया हैं. एनईएफटी प्रणाली केंद्रीकृत लेखा प्रणाली की अवधारणा का उपयोग करता है और ऑनलाइन संचालित है हो जाता है. एनईएफटी प्रणाली भी संचार, सुरक्षा, आदि के लिए बेहतर ग्राहक सेवा की पेशकश करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है.

2. वर्तमान में 11 घंटों के बैचों हैं जिसमें ग्राहक सप्ताह के दिनों में और शनिवार के दिन 5 घंटों के बैचों में एनईएफटी में धनराशि अंतरित कर सकते हैं. घंटेवार बैच समय 9.00 से शुरू होकर सप्ताह के दिनों में 7 बजे तक और शनिवार को 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक कर सकते हैं. सदस्य बैंकों से प्राप्त ऊपर घंटेवार बैचों के संदेशों को समेकित कर और उसे भारतीय रिजर्व बैंक को भेजे जाता हैं, और अंतर - परिवर्तन के लिए प्राप्तकर्ता ग्राहक के खाते में जमा करने के लिए प्राप्तकर्ता बैंक / शाखा भेजा जाता हैं. हिताधिकारी के खाते में  उसी दिन पर क्रेडिट हो जाता है अगर धन किसी भी बैच में प्रेषित कर रहे हैं.

3. भारतीय रिजर्व बैंक की हिताधिकारी को सफल क्रेडिट पर एनईएफटी लेनदेन के प्रेषिती को सकारात्मक पुष्टि शुरू की है. प्रेषक को इस तरह की पुष्टि के लिए अपने ईमेल पते या मोबाइल संख्या प्रदान करना पडता है.

4. बैंक के ग्राहक (यानी प्रेषक) प्रेषण भेजनेवाली शाखा द्वारा की प्रेषिण की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए निर्दिष्ट एनईएफटी आवेदन हिताधिकारी के खाते में जमा करने हेतु अपने खाते में नामे डालते हुए और धन प्रेषण करने के लिए अधिकृत फार्म प्रस्तुत करेगा. धन के प्रेषण के लिए प्रेषक के अनुरोध तारीख, जिस पर धन के अंतरण की प्रक्रिया शुरू किया जाना चाहिए की तुलना में कोई अन्य शर्त नहीं हो जाएगा. एनईएफटी में धन अंतरण प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यक जानकारी यह है कि जिस बैंक / शाखा को भेज रहे हैं उसकी भारतीय वित्तीय प्रणाली (आईएफएससी) कोड और बैंक, शाखा, प्रेषक के नाम की तरह अन्य विवरण के अलावा प्राप्‍त करनेवाले बैंक की शाखा, हिताधिकारी का नाम, प्रेषक खाता संख्या, और हिताधिकारी मान्य खाता संख्या होनी चाहिए.

5. एनईएफटी के माध्यम से धन अंन्तरण करने के लिए कोई न्यूनतम और अधिकतम राशि मापदंड नहीं है. ग्राहक रुपए के गुणकों में किसी भी राशि भेज सकते हैं. न्यूनतम राशि आरटीजीएस के लिए निर्धारित मापदंड के ध्यान में रखते हुए, एनईएफटी जो रुपए से कम भेजना चाहते हैं उन ग्राहकों के लिए बहुत काम आता है. एक लाख धन अंतरण.

6. विजया बैंक के सभी कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) शाखाओं में एनईएफटी धन अंतरण सुविधा / प्रेषण की सुविधा है.
7. ग्राहकों को प्रेषण डीडी, एमटी, आदि परंपरागत व्यवस्था की तुलना में एक अच्छा विकल्प मोड के रूप में एनईएफटी का उपयोग कर सकते हैं.  इच्छुक ग्राहक अधिक जानकारी के लिए के लिए किसी भी नजदीकी शाखा से या शाखा से संपर्क करें जहां वे विजया बैंक कोर बैंकिंग सक्षम शाखाओं के साथ खाते रखरखाव करते हैं और एनईएफटी सुविधा का उपयोग कर सकते हैं. सुविधा बैंक के खाता धारकों के लिए ही अनुमति दी है. गैर-ग्राहक/नकद के साथ आनेवाले ग्राहकों को इस सुविधा का उपयोग करने की अनुमति नहीं है.

एनईएफटी के लिए प्रभार

रु. 10000 तक- रु.3.00
रु. 10000 से अधिक तथा रु.1.00 तक - रु.
6.00
रु. 1.00 लाख से रु.2.00 लाख तक - रु.17.00

रु. 2.00 लाख से अधिक के लिए - रु.29.00

विवरण के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

एनईएफटी प्रपत्र / चालान डाउनलोड करें
भारत में सभी अन्य 'बैंकों को (भारतीय रिजर्व बैंक के वेबसाइट से लिंक) जहां एनईएफटी सुविधा सक्षम है उन शाखाओं की सूची

किसी भी स्पष्टीकरण के लिए, अपने मेल भेज: neft@vijayabank.co.in

रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) (ऑनलाइन धन हस्तांतरण के लिए एक त्वरित मोड)
रियल टाइम ग्रॉस निपटान प्रणाली (आरटीजीएस) एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है जो सेट अप, ऑपरेशन और भाग लेने वाले सभी भारतीय बैंक शाखाओं द्वारा उपयोग के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बनाए रखा,, धन हस्तांतरण और वास्तविक समय के आधार पर निपटान, सक्षम प्रणाली हैं. विजया बैंक आरटीजीएस के एक सदस्य है.

आरटीजीएस माँग अधिग्रहण को प्रस्तुत करने के लिए ग्राहकों के लिए समय

सप्ताह के दिनों सुबह 8.00 से शाम 04:00 तक
दूसरा तथा चौथा शनिवार - अवकाश

भारतीय रिज़र्व बैंक में प्रसंस्करण के लिए आरटीजीएस समय

सप्ताह के दिनों में सुबह 8.00 बजे से शाम 4:30 बजे तक
दूसरा तथा चौथा शनिवार - अवकाश
विजया बैंक के सभी कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सीबीएस) शाखाओं में आरटीजीएस धन अंतरण सुविधा / प्रेषण की सुविधा है.

ग्राहकों को प्रेषण डीडी, एमटी, आदि परंपरागत व्यवस्था की तुलना में एक अच्छा विकल्प मोड के रूप में आरटीजीएस का उपयोग कर सकते हैं.  इच्छुक ग्राहक अधिक जानकारी के लिए के लिए किसी भी नजदीकी शाखा से या शाखा से संपर्क करें जहां वे विजया बैंक कोर बैंकिंग सक्षम शाखाओं के साथ खाते रखरखाव करते हैं और आरटीजीएस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं. सुविधा बैंक के खाता धारकों के लिए ही अनुमति दी है. गैर-ग्राहक/नकद के साथ आनेवाले ग्राहकों को इस सुविधा का उपयोग करने की अनुमति नहीं है.

आरटीजीएस के लिए प्रभार

रु.2.00 लाख से रु. 5.00 लाख से कम की राशि के लिए – रु. 34.00
रु. 5.00 लाख और उससे अधिक की राशि के लिए - रु.63.00

 

विवरण / डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

आरटीजीएस प्रपत्र / चालान डाउनलोड करें
भारत में सभी अन्य 'बैंकों को (भारतीय रिजर्व बैंक के वेबसाइट से लिंक) जहां आरटीजीएस सुविधा सक्षम है उन शाखाओं की सूची
किसी भी स्पष्टीकरण के लिए, अपने मेल भेज: neft@vijayabank.co.in

आरटीजीएस प्रणाली (क) सदस्य बैंक आरटीजीएस में भाग लेने शाखाओं के बीच ग्राहकों से संबंधित धन अंतरण और (ख) अंतर बैंक धन अंतरण का समर्थन करता है. ग्राहक धन प्रेषित करने और आरटीजीएस संदेश के जरिए धन प्राप्त कर सकते हैं. यह कॉर्पोरेट और व्यक्तियों, दोनों के लिए धन अंतरण हेतु उपलब्ध तेज मोड के है.

वर्तमान नियमों के अनुसार आरटीजीएस के तहत प्रेषण, किसी भी राशि है जो 1.0 लाख रुपये (एक लाख रुपए) से अधिक है, के के रूप में भेजा जा सकता है / आरटीजीएस के माध्यम से प्राप्त की जा सकता है. आरटीजीएस में धन अंतरण प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यक जानकारी यह है कि जिस बैंक / शाखा को भेज रहे हैं उसकी भारतीय वित्तीय प्रणाली (आईएफएससी) कोड और बैंक, शाखा, प्रेषक के नाम की तरह अन्य विवरण के अलावा प्राप्‍त करनेवाले बैंक की शाखा, हिताधिकारी का नाम, प्रेषक खाता संख्या, और हिताधिकारी मान्य खाता संख्या होनी चाहिए.

 

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