विजया गोल्‍ड नकद ऋण
 
स्वर्णाभुषणों/जेवरों के गिरवी पर ऋण योजना
 
आमुखः
रत्न ऋण बैंक की महत्वपूर्ण ऋण उत्पादन है, चूंकि इससे उधारकर्ता की ग्राहक की अतिआवश्यक समय या अचानक आए आवश्यकताओं की पूर्ति तुरंत हो पाती है. सभी प्रकार के उधारकर्ताओं. ग्राहकों और प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वालों को रत्न ऋण की मंजूरी की जा सकती है.
विजया गोल्ड-नकद ऋणः उधार कर्ता जेवरों को गिरवी रख कर परिचालित नकद ऋण सुविधा के रूप में ऋण सुविधा प्राप्त कर सकता है. खाते से मंजूरी सीमा के अंदर जितनी बार भी आहरण किया जा सकता है तथा जितनी बार भी खाते में जमा किया जा सकता. इससे उधारकर्ता को ऋण लेने/नवीनीकरण करने और बार बार जेवरों को गिरवी रखने तथा छुडाने में बार बार की प्रलेखीकरण की आवश्यकता नहीं रहती. यह विशेषकर एसे ग्राहकों के लिए लाभदायक होता है जिन्हें तुरंत बार बार निधि की आवश्यकता पडती है, ऐसे मामले में वे जब कभी रकम प्राप्त करते हैं सीधे खाते में जमा कर सकते हैं और आवश्यकता पडने पर निकाल सकते हैं. इस नई योजना में अतिरिक्त सुविधा हो सकती है और बैंक की मौजूदा रत्न ऋण की स्थान नही लेगी जो चालू रहेगी. अन्य शब्दों में, ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुरूप परिचालन सीमा या निर्धारित सावधि ऋण सुविधा का चयन कर सकते हैं.
विजया गोल्ड-नकद ऋण सुविधा का परिचालनात्मक मार्गनिर्देश निम्नानुसार हैं-
 
1.    योजना का नामः
इस योजना को विजया गोल्ड-नकद ऋण के नाम से जाना जाएगा जो परिचालन रत्न ऋण खाता होगा.
 
2.    कवरेज के लिए पात्रताः
वयस्क व्यक्ति जो बैंक का ग्राहक हो पात्र है.
 
3.    प्रयोजनः
प्राथमिक क्षेत्र जैसे एमएसई, खुदरा व्यापार, लघु व्यापार सूक्ष्म ऋण, शिक्षा, आवास आदि के तहत आय सृजन कार्यकलापों के लिए या गैर प्राथमिक क्षेत्र के तहत अन्य ऋण आवश्यकताओं के ऋण देना इसका उद्देश्य है. दस्तावेजों में और आवेदन पत्र में ऋण लेने के उद्देश्य को उल्लेखित करना जरुरी है. यद्यपि, इस सुविधा किसी बुरी उद्देश्य के लिए और कृषि उद्देश्य के लिए नहीं दिया जा सकता है.
 
4.    ऋण सीमा का निर्धारणः
        इसकी सीमा नीचे (क) और (ख) में दिए गए अनुसार कम से कम होः
 
क)    समय समय पर बैंक द्वारा निर्धारित अधिकतम प्रति ग्राम मात्रा/अग्रिम दर के आधार पर ऋण राशि.
फिलहाल प्रति ग्राम मात्रा अग्रिम दर इस प्रकार हैः (17.01.2012 से प्रभावी)

ब्यौरे
(रु. प्रति ग्राम)
22 कैरेट के स्वर्णाभुषण/जेवरों के लिए
1800
हॉल मार्क स्वर्णाभुषण/जेवरों के लिए
1850

 
ख)   बैंक के अनुमोदित रत्न मूल्यांकनकर्ता द्वारा निर्धारित जेवरों के मूल्य का 65 प्रतिशत.
 
4.2        न्यूनतम सीमाः
क्षेत्रवार इस योजना के तहत निम्नानुसार सीमा निर्धारित किया गया हैः

क्र.सं.
शाखा
सीमा (रु)
         I.     
ग्रामीण
5000
       II.     
अर्ध-शहरी
15000
      III.     
शहरी, मेट्रो तथा ए क्लास नगरों में
50000

 
5.    सीमा प्रकारः
सीमा परिचालन खाता के रूप मे होगी अतः आहरण अधिकार के अंदर जितनी बार नामे या जमा करने की अनुमति है. सोने की बाजार भाव के आधार पर आवधिक तौर पर खुदरा ऋण विभा-प्र.का. प्रति ग्राम की मात्रा और अग्रिम दर की सूचना देगा. समय समय पर प्र.का. के निदेशानुसार दिए गए प्रति ग्राम अग्रिम दर के आधार पर या निर्धारित मंजूरी सीमा जो भी कम हो का शाखाओं द्वारा आहरण अधिकार की गणना की जानी होगी.
 
6.    प्रतिभूतिः
22 कैरेट के स्वर्णाभूषणों का या हॉल मार्क स्वाभूषणों को गिरवी रखना. जेवर हॉल मार्क के हैं या नहीं इसकी सूचना रत्न मूल्यांकनकर्ता अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट में दर्शाएगा.
 
7. व्याज दरः
खुदरा ऋण योजना-रत्न ऋण के तहत लागू व्याज दर के अनुसार [ब्‍याज दर के लिए यहां क्लिक करें]
 
मासिक अंतराल पर व्याज नामे डाली जाएगी तथा जब कभी नामे डाला जाता है इसकी वसूली की जाए. वार्षिक समीक्षा के समय, खाते में किसी प्रकार का परिचालन होने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि खाते में नामे डाला गया व्याज की पूरी तरह से वसूली की जा चुकी है.
 
8. अन्य प्रभारः
चार्ट के अनुसार सेवा प्रभार [चार्ट के लिए यहां क्लिक करें] 
 
8.1 रत्न मूल्यांकन प्रभारः (03.12.2009 से प्रभावी)

क्षेत्र
प्रस्तावित
ग्रामीण
ऋण राशि पर 0.5 प्रतिशत न्यूनतम रु.25/- और अधिकतम रु. 100/-
अन्य क्षेत्र
ऋण राशि पर 0.5 प्रतिशत न्यूनतम रु.25/- और अधिकतम रु. 200/-

 
8.2 प्रसंस्करण व प्रलेखीकरण प्रभारः प्रसंस्करण व प्रलेखीकरण प्रभार चार्ट के अनुसार [चार्ट के लिए यहां क्लिक करें] 
 
9. चुकौतीः
नकद ऋण सीमा अधिकतम 2 वर्षों की अवधि के लिए है जिसमें खातों की वार्षिक समीक्षा के दौरान यह सुनिश्चित की जानी है कि खाता मंजूरी सीमा के अंदर है या आहरण अधिकार के अंदर है, जो भी कम हो. वार्षिक समीक्षा के दौरान, जेवरों का फिर से मूल्यांकन करवाने की जरुरत नहीं है. यद्यपि, 2 वर्ष से ज्यादा का सीमा बकाया न हो. 2 वर्षों के बाद, जेवरों का फिर से मूल्यांकन करवा कर खाते का नवीनीकरण किया जाए. सीमा नकदी के दौरान, यदि खाते का सही परिचालन नहीं हो रहा है और देय व्याज या अन्य प्रभार के डालने से खाते में शेष मंजूरी सीमा या आहरण अधिकार से ज्यादा हो गया जिसका भुगतान नहीं हो रहा तब बैंक को जेवरों की नीलामी करने और मूल्यांकित मूल्य या बाजाक मूल्य के अनुसार देय शेष का भरगाई करने का अधिकार है. शाखाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि नवीनीकरण किए बिना या जेवरों का फिर से मूल्यांकन किए बैगेर 2 वर्षों से ज्यादा समय तक सीमा बकाया रहता है. यदि पार्टी खाता बंद या नवीनीकरण नहीं करता है तब स्वर्णाभूषों जेवरों के ऋण के तहत प्र.का. द्वारा जारी अनुदेश पुस्तिका या परिपत्र के अनुसार शाखा वसूली के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है. 
 
10. आवेदन पत्र और ली जाने वाली दस्तावेजः
 
प्राप्त की जाने वाली दस्तावेजः
 
1.    स्वार्णाभूषणों को गिरवी रख ऋण नकद ऋण ओडी हेतु आवेदन पत्रः 2-536
2.    2-539 के अनुसार सीमा या ऋण बंद करते समय पूरा विवरण
3.    डीओसी-67 के अनुसार स्वार्णाभूषणों के गिरवी पर मांग नकद ऋण का करार
 
 
11. ऋण वर्गीकरणः
सीमा प्रयोजन के आधार पर प्राथमिक क्षेत्र या गैर प्राथमिक क्षेत्र में वर्गीकृत किया जा सकता है.

 

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