वी विद्या वाहिनी

"वी- विद्या वाहिनी"  ऋण योजना ऐसे उद्यमकर्ताओं के लिए बनाई गई संशोधित ऋण योजना है जो स्कूल कॉलेज विश्वविद्यालयों शैक्षिक संस्थाओं से जुडकर विद्यार्थियों/कर्मचारियों के लिए परिवहन की सुविधा देता है अतः शाखाओं से अपेक्षा की जाती है कि हमारे खुदरा ऋण के मानदंड में वृद्धि लाने के लिए योजना को अधिक लोकप्रिय बनाएं।

 
प्रयोजन
केवल विद्यार्थियों को कर्मचारियों को परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए वाहन प्राप्त करने हेतु ऋण
 
प्रात्रता
  1. मान्यता प्राप्त स्कूल,कॉलेज,विश्वविद्यालय,शैक्षिक संस्थाओं के विद्यार्थियों को कर्मचारियों को कम से कम 5 परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने वाले सभी व्यक्ति, प्रोपरेटर, साझेदारी फर्म, कंपनी ।
  2. टाई अप प्रबंध और 5 वर्षों के लिए या सावधि ऋण के बंद होने तक नवीनीकरण की सुविधा होनी जरुरी है।
  3. ये स्कूल,कॉलेज, विश्वविद्यालय, शैक्षिक संस्थाओं का संबंधित सरकारी विभागों से मान्यता प्राप्त हो।
 
ऋण की मात्रा
अधिकतम रु.100.00 लाख तक
 
चुकौती
नवीनीकरण की उपबंध सहित संविदा अवधि के साथ टाई अप प्रबंध के अनुसार आय की वृद्धि के आधार पर अधिकतम पांच से सात वर्षों का चुकौती अवधि।
  1. सडक पर चलने योग्य 10 प्रतिशत का लागत मूल्य
  2. वाहन निर्माण लागत का 25 प्रतिशत
  3. (वाहन निमार्ण लागत सहित वाहन लागत के लिए दी गई कुल ऋण अग्रिम राशि का 80 प्रतिशत एलटीवी अनुपात हो)
 
प्रतिभूति
प्राथमिक प्रतिभूति
1.       बैंक के वित्तपोषण से खरीदी जाने वाले वाहनों का दृष्टिबंधक जिसे आरटीओ के साथ नोट किया गया हो।
2.       कंपनी के मामले में आरओसी पर प्रभार डाला जाए।
 
सीजीटीएमएसई कवरेज
1)      सीजीटीएमएसई योजना के तहत ऋण कवर किया जाए।
2)      सीजीटीएमएसई गारंटी शुल्क उधारकर्ता वहन करेगा।
 
बीमा
1.       दृष्टिबंधक वाहन का बीमा वाहन निमार्ण लागत सहित कुल इनवाईस मूल्य पर की जानी चाहिए।
 
व्याज दर
बीआर+2.25=12.70%प्र.व.(अस्थिर)
 
प्रसंस्करण प्रभार
जैसा एसएमई अग्रिमों पर लागू होता है
 
ऋण वर्गीकरण
एसआरटीओ/एसएमई
 
चुकौती अवधि
नवीनीकरण की उपबंध सहित संविदा अवधि के साथ टाई अप प्रबंध के अनुसार आय की वृद्धि के आधार पर अधिकतम पांच से सात वर्षों का चुकौती अवधि।
 
समय पूर्व भुगतान प्रभार
समय से भुगतान पर कोई प्रभार नहीं।
निपटान
  1. आवेदक से प्राप्त आवेदन पत्रों को 30 दिनों के अंदर निपटाना जाना चाहिए।
  2. यदि आवेदन पत्र ऋण योग्य न हो तो, शिकायत करने का अवसर न देते हुए आवेदक को इसकी सूचना दी जाए।
  3. योजना के प्रावधानों का स्पष्टिकरण हेतु महा प्रबंधक, ऋण (खुदरा व एमएसएमई), प्र.का. सक्षम प्राधिकारी होगें।
 
अन्य शर्तें
  1. ऋण मंजूर करने से पहले मंजूरी प्राधिकारी को चाहिए कि केवाईसी मार्गनिर्देशों का कडाई से अनुपालन  होता है और आवेदक व शैक्षिक संस्थाओं की प्रामाणिकता का जांच होता है।
  2. ऋण की पूरी अवधि पर सीजीटीएमएसई कवरेज की जाने चाहिए। यद्यपि, गारंटी शुल्क सहित सीजीटीएमएसई कवरेज नवीनीकरण शुल्क खाते में डालने संबंधी आशय पत्र आवेदक उधार कर्ता से प्राप्त करें।
  3. वाहन पर बैंकों का प्रभार आरटीओ में पंजीकृत हो.
  4. शाखा प्रबंधक द्वारा अनुप्रमाणित आरसी बुक की एक प्रति रिकार्ड के लिए रखें।
  5. बैंक के उपबंधों के अनुसार वाहनों का पूरा बीमा हो और इसकी प्रमाणित प्रति रिकार्ड किया जाए।
  6. स्कूल,कॉलेज,विश्वविद्यालय, शैक्षिक संस्थाओं से हुई टाईअप प्रबंध की एक अनुप्रमाणित प्रति प्राप्त करें और संबंधित संस्था से इसका सत्यापन करवाएं।
  7. शाखा को चाहिए कि स्कूल,कॉलेज,विश्वविद्यालय, शैक्षिक संस्थाओं को वाहनों पर व्याज की सूचना दें और उनसे निवेदन करें कि संविदानुसार मासिक मासिक अर्जन सीधे बैंक में जमा करें ताकि उधारकर्ता के खाते में जमा हो सके।
 
मंजूरी प्राधिकारी
प्रतिभूति ऋण हेतु प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुसार
प्रदर्शन