वी आटा मिल

 

 

योजना के ब्यौरे नीचे दिए गए हैं
 

उधारकर्ता का स्वरूप
Ø व्यक्ति, एकमात्र स्वामि, संयुक्त उधारकर्ता, भागीदारी संस्थाएँ व कंपनियाँ (प्राइवट व सार्वजनिक लिमिटेड)
उद्देश्य
Ø नए आटा मिलों के वित्तीयन हेतु बशर्तें कि मामले के अनुसार राज्य / केन्द्र सरकार के नियमों के अधीन लाइसेन्स/पंजीकरण जरूरतों को पूरा किया जाता हो.
Ø वर्तमान दाल मिलों के विस्तार/नवीकरण/आधुनिकीकरण हेतु
पात्रता
Ø परियोजना लागत के आधार पर सावधि ऋण
Ø पण्यावर्त पद्धति के आधार पर बैंक गारंटी शामिल करते हुए कार्यशील पूँजी
ऋण की राशि
Ø अधिकतम ` 3.00 करोड तक की सम्मिश्र ऋण सुविधाएँ (सावधि ऋण + कार्यशील पूँजी सीमाएँ).
सुविधा का प्रकार
Ø सावधि ऋण
Ø बैंक गारंटी शामिल करते हुए कार्यशील पूँजी सीमाएँ (या परियोजना के आधार पर दोनो का मिश्रण)

 

 

मार्जिन
Ø पूंजी गत आस्तियों (उपकरण / संयंत्र और मशीनरी)  की खरीद के मामले में 25%
Ø वर्ततमान आटा मिल परिसर के अधिग्रहण तथा / या वर्तमान परिसर के विस्तार / नवीकरण / आधुनिकीकरण के लिए 35%
Ø प्रक्रिया में गेहूं और तैयार उत्पाद यानी आटा, मैदा, सूजी, आदि के अदत्‍त स्टॉक, संसाधनाधीन स्टॉक तथा तैयार माल पर 25%
Ø बैंक गारंटी के लिए 25%  नकद मार्जिन
प्रतिभूति
Ø प्राथमिक - बैंक वित्त के जरिए सभी अर्जित संपत्ति
Ø बैंक वित्त से खरीदे जाने वाले उपकरण या चीजों की गिरवी
Ø परिसर के अधिग्रहण / मौजूदा के विस्तार / नवीकरण / आधुनिकीकरण के मामले में संपत्ति का साम्यिक बंधक
Ø ` 100.00 लाख तक के ऋण के लिए कोई गारंटी/संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं बशर्ते कि उसे सीजीटीएमएसई गारंटी योजना के तहत कवर किया जाता हो, अन्यथा सावधि ऋण (परिसर के अधिग्रहण तथा / या वर्तमान के विस्तार/नवीकरण/आधुनिकीकरण के लिए 35% मार्जिन) को छोडकर अन्य के लिए ऋण राशि के 100% के तुल्य की संपार्श्विक प्रतिभूति ली जाए अर्थात भूमि व भवन के अधिग्रहण हेतु कोई संपार्श्विक नहीं.
गारंटी
Ø कंपनियों के मामले में प्रमोटर निदेशकों की व्यक्तिगत गारंटी
Ø सहभागी संस्था के मामले में व्यक्तिगत भागीदार
Ø सुविधा के लिए प्रतिभूति के रूप में गैर-प्रमोटर-स्‍वामी की अचल संपत्ति
ऋण का मूल्यांकन
Ø सावधि ऋण – खरीदी जाने वाली संपत्ति का 75% या परिसर अधिग्रहण की लागत या नवीकरण / विस्तार / आधुनिकीकरण आदि के लिए परियोजना लागत का 65%.
Ø कार्यशील पूँजी – पण्यावर्त पद्धति के आधार पर
मंजूर प्राधिकारी
Ø प्र.का. परिपत्र सं.172/09 के अनुसार प्रत्यायोजित अधिकारों के अनुसार
सीजीटीएमएसई के अधीन गारंटी कवर
Ø ` 100.00 लाख तक के ऋणों के लिए सीजीटीएमएसई का कवरेज जरूरी है.
Ø सीजीटीएमएसई के अधीन गारंटी कवरेज समय समय पर यथा सूचित योजना के तहत दिए शर्तों, पात्रता मानदंडों तथा प्रीमियम के अनुसार उपलब्ध होगी (प्रकाप 12051 दिनांकित 16.03.2012).
बीमा
Ø बैंक के वित्त से खरीदी गई संपत्ति तथा बैंक क्‍लॉस से युक्‍त संपार्श्विक प्रतिभूति का बीमा करवाना जरूरी है.
ब्याज दर
Ø ` 100.00 लाख तक बेस दर + 2.05% = 12.50% प्र.व. (अस्थिर)
Ø ` 100.00 लाख से ऊपर बेस दर + 3.05% = 13.50% प्र.व. (अस्थिर)
विवेचन व वायदा प्रभार
Ø विवेचन प्रभार वर्तमान मार्गनिर्देशों के अनुसार वसूल किया जाए.
Ø एक समय प्रतिपध्‍दता प्रभार के रूप में 0.10% वार्षिक + सेवा प्रभार, अगर उपभोग  नहीं है तो, दस्‍तावेजों के निष्‍पादन के बाद उठाया जाएगा.
चुकौती
Ø सावधि ऋण के मामले में चुकौती पर अधिस्थगन अवधि सहित कुल चुकौती अवधि सात वर्षों से अधिक नहीं होनी चाहिए.
Ø कार्यशील पूँजी सीमा का प्रतिवर्ष नवीकरण / समीक्षा की जाए
Ø अधिकतम 12 महीनों की चुकौती अधिस्थगन अवधि. अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज की चुकौती की जानी है.
केवाईसी अनुपालन
Ø शाखा द्वारा केवाईसी मार्गनिर्देशों का कडाई से पालन करना चाहिए और ऋण मंजूर करने से पहले यथोचित परख की जानी चाहिए.

 

अन्य शर्तें
Ø मासिक स्टॉक विवरण के आधार पर आहरण शक्ति को विनियमित किया जाए.
Ø कंपनियों के मामले में आरओसी के साथ ऋण-भार सृजित किया जाए.
Ø मंजूरी की प्रतिलिपि नियंत्रण विवरणी एमआर 25 के साथ साथ क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत किया जाना चाहिए.
Ø काम काम में लगी इकाइयों को कार्यशील पूंजी की सुविधा के लिए पात्र नहीं हैं.
Ø यदि एक अवधि के ऋण के लिए एक नौकरी के काम में लगे हुए इकाई के लिए माना जा रहा है, ताल - मेल व्यवस्था / जिनकी ओर से कार्य के लिए जगह में होना अदायगी की क्षमता का आकलन करने पर मालिक के साथ समझौता ज्ञापन.
Ø बैंक गारंटी मानदंडों के जारी करने के प्रति दिनांक 28.11.1998 के प्रधान कार्यालय के परिपत्र 253/98 का पालन किया जाना चाहिए.
Ø एसएमई उधारकर्ताओं अगर एसएमईआए और अन्य रेटिंग एजेंसियों के पर्याप्त सुरक्षा और ऊपर का संकेत द्वारा दर्ज़ा दिया गया है, ब्याज रियायत दिनांक 28.08.2012 के प्रधान कार्यालय के परिपत्र संख्‍या 12019 के अनुसार प्रदान कर सकता है.
ऋण आवेदनों का निपटान
Ø आवेदक से प्राप्त ऋण आवेदन 30 दिनों के अंदर निपटा दिया जाना चाहिए.
Ø यदि प्राप्त आवेदन विचार करने योग्य नहीं हो तो बिना किसी विलंब के इस संबंध में सूचना दी जाए और आवेदकों से शिकायत हेतु मौका नहीं दिया जाए.
Ø महा प्रबंधक, ऋण (खुदरा व एमएसएमई), प्र.का. ही योजना के प्रावधानों के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे.
Ø अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक छूट विचलन / अनुमोदन और योजना के दिशा निर्देशों को संशोधित करने का अनुमोदन करने के लिए सक्षम प्रधिकारी   है.

 
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