वी दाल मिल

 

विजया दाल मिल ऋण योजना दाल मिस उद्यमियों के लिए एक विशेष ऋण योजना है. इस योजना कई विशिष्टताएं हैं तथा शाखाओं से आशा की जाती है कि एसएमई विभाग में वृद्धि लाने हेतु इस योजना को लोकप्रिय बनाएं.
 
उद्देश्य
1.   राज्य/केन्द्र सरकार के कानून के तहत लाईसेंस/पंजीकरण आवश्यकताएं के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए नए दाल मिलों को वित्तीय सहायता देना
2.    मौजूदा दाल मिलों की विस्तार/मरम्मत/आधुनिकीकरण हेतु
 
पात्रता
1.       परियोजना लागत के आधार पर सावधि ऋण
2.       कारोबार प्रणाली के आधार पर कार्यशील पूंजी
3.       दाल मिल खातों का वीबी7 से कम की ऋण रेट न हो तथा मौजूदा खातों के लिए कम से कम दो वर्ष के लिए लाभार्जन में लगे हों
 
उधारकर्ता का सृजन
1.       व्यक्ति, एक मात्र मालिक, संयुक्त उधारकर्ता, साझेदारी तथा सिमिटेड कंपनी (निजी/सार्वजनिक लि.)
 
ऋण की मात्रा
1.   अधिकतम रु.2.00 करोड तक समग्र ऋण सुविधाएं (सावधि ऋण+कार्यशील पूंजी सीमा)
 
सुविधा का प्रकार
1.   सावधि ऋण
2.   कार्यशील पूंजी सीमा (या परियोजना के अनुसार दोनों मिला कर)
 
मार्जिन
1.   उपकरण/मशीनें/जेनरेटर/वाहनों की खरीदी के लिए 25%
2.   परिसर प्राप्त करने/तथा/या मौजूदा परिसर के विस्तार/मरम्मत/आधुनिकीकरणहेतु 35%
3.   दाल के प्रदत्त स्टॉक, प्रक्रियागत स्टॉक तथा पूरी हुई परियोजना पर 25%
 
प्रतिभूति
1.   प्राथमिक-बैंक से प्राप्त वित्त से सृजित सभी आस्तियां
2.   उपकरणों या बैंक से प्राप्त वित्त से खरीदी जाने वाले प्रस्तावित मदों की दृष्टिबंधक
3.   परिसर प्राप्त करने या मौजूदा परिसर के विस्तार/मरम्मत/आधुनिकीकरण के मामले में संपत्तियों की सम्यक बंधक
4.   यदि ऋण को सीजीटीएमएसई योजना के तहत कवर की जाती है तो रु.100.00 तक के ऋण पर कोई गारंटी/संपार्श्विक प्रतिभूति, उसी प्रकार बंधक ऋण से परे ऋण में ऋण राशि के समान 100% की संपार्श्विक प्रतिभूति (मौजूदा35% मार्जिन सहित परिसर प्राप्त करने/ या विस्तार/मरम्मत/आधुनिकीकरण के मंजूर) ली जाए, यानि जमीन तथा भवन लेने के लिए कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं
 
ऋण मूल्यांकन
1.       सावधि ऋण-खरीदी गई आस्तियों की लागत की 75% या परिसर प्राप्त करने या मरम्मत/विस्तार/आधुनिकीकरण आदि के लागत का 65%
2.       कार्यशील पूंजी-कारोबार प्रणाली के आधार पर
 
सीजीटीएमएसई
1.       सीजीटीएमएसई के अंतर्गत रु.100 लाख तक की कवरिंग सीमा
2.       सीजीटीएमएसई के गारंटी कवरेज के अंतर्गत समय समय पर (प्र.का.प. 12051 दिनांक 16.03.2012) सूचित व उपलब्ध शर्तों, पात्रता मानदंड तथा योजना के तहत निर्धारित प्रीमियम के अनुसार होगी.
 
बीमा
1.     बैंक के वित्त पोषण से खरीदी गई आस्तियों का बीमा तथा बैंक के उपबंधों के अनुसार उस पर संपार्श्विक प्रतिभूति अनिवार्य है.
 
व्याज दर
1.   रु.100 लाख तक बीआर+2.50%=12.50% प्र.व.(अस्थिर)
2.   रु.100 लाख से अधिक बीआर+3.50%=13.50% प्र.व.(अस्थिर)
 
प्रसंस्करण व प्रतिबद्धता प्रभार
1.    मौजूदा मार्गनिदेशों के अनुसार प्रसंस्करण प्रभार वसूला जाए
2.    मौजूदा मार्गनिदेशों के अनुसार प्रतिबद्धता प्रभार लिया जाए
 
चुकौती
1.    सावधि ऋण के मामले में अधिस्थगन अवधि सहित कुल चुकौती अवधि सात वर्षों से अधिक न हों.
2.    प्रति वर्ष नवीनीकरण/समीक्षा के शर्तों के अनुसार कार्यशील पूंजी सीमा
3.    सावधि जमा समान मासिक किस्तों में चुकानी होगी
4.    अधिस्थगन अवधि अधिकतम 12 महिनों का हो. अधिस्थगन अवधि के दौरान व्याज लगाई जाएगी.
 
अन्य शर्तें
1.       मासिक स्टॉक विवरण के आधार पर आहरण अधिकार नियंत्रित की जाएगी
2.       कंपनी के मामले में आरओसी प्रभार शुरु की जाए
3.       नाबार्ड योजना के अनुसार उपदान उपलब्ध हो तो इसे प्राप्त किया जाए
 
समयपूर्व भुगतान प्रभार
1.       समयपूर्व भुगतान पर कोई प्रभार नहीं
 
मंजूरी प्राधिकारी
प्रकाप 172/09 के प्रत्यायोजित अधिकारों के अनुसार
 
केवाईसी अनुपालन
शाखाओं को केवाईसी मार्गनिदेशों का सख्ती से पालन करना होगा तथा सतर्क रहना होगा
 
ऋण आवेदन पत्रों का निपटान
1.       आवेदक से प्राप्त ऋण आवेदन पत्र का निपटान 30 दिनों के अंदर करना होगा
2.       यदि आवेदन पत्र विचार योग्य न होने पर इसकी सूचना अविलंब आवेदक को दी जाए ताकि उसे शिकायत करने का मौका न मिले
3.       योजना के प्रावधान संबंधी संदेहों को स्पष्ट करने का सक्षम प्राधिकारी महा प्रबंधक, ऋण (खुदरा व एमएसई), प्रका होंगें
 
गारंटी
1.      कंपनी के मामले में प्रोनत्त निदेशकों का व्यक्तिगत गारंटी
2.      साझेदारी फर्म के मामले में व्यक्तिगत साझेदार
3.      अचल संपत्ति जो प्रतिभूति के तौर पर दिया हो, के गैर-प्रोन्नत मालिकों की गारंटी
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