प्रबंधन कोटा

पात्रता मानदण्‍ड
Ø विद्यार्थी भारतीय राष्ट्रीयता का होना चाहिए.
Ø उच्च माध्यमिक शिक्षा (10+2) अथवा उसके समकक्ष)के बाद प्र भारत में मान्यता प्राप्त संस्थानों में मैनेजमेंट कोटा के अधीन व्‍यावसाईक/तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया होना चाहिए.   
Ø छात्र को 60% या समतुल्‍य पात्रता परीक्षा में न्‍यूनतम अंक प्राप्‍त कना चाहिए.
Ø इस योजना के अधीन मैनेजमेंट कोटा के अधीन के प्रवेश को विचार कर सकते हैं अगर संस्‍था/कालेज के रोजगार प्रतिष्‍ठा संतोषजनक हो *
 
* योजना के अधीन, बैंक द्वारा पहचानित किए गए कालेज, विश्‍वविद्यालय, डी‍मड विश्विविद्यालय और अन्‍य शिक्षा संस्‍थाओं द्वारा दिए गए पाठ्यक्रमों को शिक्षा ऋण के अधीन संस्‍वीकृति हेतु विचार कर सकते हैं.
पात्र पाठ्यक्रम
भारतमेंअध्ययन : (संकेतात्मकसूची)
 
Ø मान्यता प्राप्त कॉलेज/विश्वविद्यालय तथा यूजीसी/सरकार/एआईसीटीई/ एआईबीएमएस/आईसीएमआर आदि द्वारा मान्यता प्राप्त स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री तथा स्नातकोत्तर डिप्लोमा.
Ø आईसीडब्ल्यूए/सीए/सीएफए आदि पाठ्यक्रम
 
विदेशमेंअध्ययन : विदेश में अध्‍ययन को इस योजना के अधीन विचार नहीं किया जाएगा.
 
ऋण हेतु विचार किए जानेवाले योग्‍य व्‍यय
     I.    कॉलेज++/स्कूल/हॉस्टेल को देय शुल्क. *
   II.    परीक्षा/लाइब्रेरी/प्रयोगशाला शुल्क.
III.    उधारकर्ता विद्यार्थी के लिए बीमा प्रीमियम यदि लागू हो तो.
 IV.    संस्था के बिलों/रसीदों के आधार पर जमानती रकम जमाराशि. **
    V.    किताबों/उपकरणों/औजारों/यूनिफॉर्म की खरीदारी. ***
 VI.    पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए उचित लागत पर कंप्यूटर की खरीद यदि आवश्यक हो. ***
VII.    पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए जरूरी कोई दूसरा खर्च जैसे अध्ययनार्थ दौरा, परियोजना कार्य, थीसस, आदि. ***
नोट :
* यदि विद्यार्थी बाह्य निवास का चयन करता है/के लिए चयन आवश्यक है तो उचित आवास व भोजन प्रभार पर विचार किया जाएगा.
**इन व्यय पर विचार किया जा सकता है बशर्ते राशि संपूर्ण पाठ्यक्रम के लिए कुल शिक्षा शुल्क के 10% से अधिक न हो.
*** यह संभव है कि संख्‍या v, vi एवं vii में सूचित व्यय कॉलेज प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित शुल्क तथा प्रभारों की सूची में उपलब्ध न हो. अतः, इन शीर्षों के अधीन आवश्यकता वास्तविक मूल्यांकन किया जाए. तथापि, संख्‍या  v, vi एवं vii में सूचित अधिकतम व्यय पाठ्यक्रम पूर्णतः हेतु देय शिक्षा शुल्क के कुल का अधिकतम 20% हो.
ऋण के लिए न विचार किए जानेवाले व्‍यय
कैपिटेशन शुल्‍क, भवन और दान शुल्‍क/फंड को शिक्षा ऋण के लिए विचार नहीं किया जाना चाहिए.
 
नोट : इस योजना के अधीन लिए गए ऋण केन्‍द्र के शिक्षा ऋण पर ब्‍याज सहायता के अधीन दावा करने के लिए पात्र नहीं होंगें.
वित्‍त की मात्रा और मार्जिन
सरकार/नियामक प्राधिकारी द्वारा संबंधित राज्‍यों के लिए लागू/दी गई मंजूरी शुल्‍क संरचना  को ही पाठ्यक्रम के लिए विचार किया जाएगा.
 
अगर यह उपलब्‍ध नहीं हैं, पैरा 3 के अनुसार खर्चों को पूरा करने के लिए आधारित वित्‍त की जरूरत के अनुसार खाते में मार्जिन को लेते हुए विचार किया जाना चाहिए  
 
अधिकतम मात्रा
रु.10.00 लाख तक
मार्जिन
15%*
छात्र के भविष्‍य के आय की संभावनाओं को देखा जा सकता हैं और ऋण की मात्रा रोजगार क्षमता औचित्‍य के साथ होना चाहिए. अतीत और भविष्‍य की संभावित/राजगर आय भी देखा जा सकता हैं जबकि वित्‍त और मार्जिन की मात्रा पर निर्णय लेने की हैं. छात्र की अदायगी की क्षमता संदेह से दूर होनी चहिए. 
- मार्जिन में छात्रवृत्ति/सहायता को शामिल किया जाएगा.
- जब कभी संवितरण किया जाता है तो यथानुपातिक आधार पर वर्ष-दर-वर्ष मार्जिन को शामिल किया जाए.
प्रतिभूती
रु.10.00 लाख तक
संयुक्त उधारकर्ता, सामान्यत: विद्यार्थी उधारकर्ता के माता-पिता/अभिभावक होंगे.
मूर्त संपार्श्विक सुरक्षा, बैंक को स्‍वीकार्य किश्‍तों के भुगतान के लिए छात्र के भविष्‍य के आय के साथ साथ, ऋण राशि का 150% की हद तक..
ब्‍याज दर
Ø ब्‍याज को बेस दर से जुडाते हुए प्रभारित करना चाहिए. वर्तमान में बी.आर. + 2.25 = 13.00% प्रतिवर्ष (अस्थिर).
Ø बालिका छात्राओं के लिए 0.50% प्रतिवर्ष ब्‍याज रियायत विस्‍तारित हैं.
Ø अध्‍ययन अवधि के दौरान तथा चुकौती की युरू होने तक साधारण ब्‍याज प्रभारित किया जाना हैं.
Ø यदि अध्ययन अवधि तथा चुकौती शुरू होने से पहले बाद के अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज चुकाया जाता है तो, बैंक द्वारा 1% ब्याज की रियायत उपलब्ध करायी जाएगी.
मूल्‍यांकन/
मंजूरी/
‍संवितरण
Ø आवेदन, सीधे बैंक शाखाओं पर अथवा ऑन-लाइन माध्यम द्वारा प्राप्त किए जाएंगे. आवेदन की प्राप्ति पर, संदर्भ संख्या देते हुए मानक पावती जारी की जाएगी. पावती में बैंक प्राधिकारियों के संपर्क ब्यौरे होंगे जिनसे, आवेदन के निपटान में देरी की स्थिति में संपर्क किया जा सकता है.
Ø सामान्‍यतः, विधिवत भरे गए आवेदन तथा सहायक दस्‍तावेजों के संबंध में संस्‍वीकृत/अस्‍वीकृत को 15 दिनों के अंदर ही सूचित करना चाहिए.
Ø बिना देरी के आधार पर शैक्षणिक ऋण के लिए प्राप्‍त आवेदन की संस्‍वीकृति करना चाहिए और सार‍हीन के आधार पर ऋण आवेदन इनकार को टालना चाहिए.
Ø ऋण आवेदनों की अस्वीकृति, यदि कोई हो, तो संबंधित शाखा के नियंत्रण प्राधिकारी की सहमति से की जाएगी तथा विद्यार्थी को अस्वीकृति का कारण बताते हुए सूचित किया जाएगा.
Ø सामान्य तौर पर, ऋण का मूल्यांकन करते समय, केवल विद्यार्थी की भावी आय ही देखी जाएगी.
Ø शिक्षा ऋण योजना के एक सेवा क्षेत्र के लिए इस योजना के अंतर्गत वित्‍त दृष्टिकोण नहीं निर्धारित है. जबकि माता पिता के निवास निकटता के.वाई.सी. अनुपालन में एक लाभ लाना जाता हैं. इस योजना के छात्र को उन्‍हें जहॉं से उधार लेने के लिए, किस बैंक पर लेने के लिए एक विकल्‍प हैं. शाखाऍं केवल इस कारण से कि विशेष क्षेत्र/एसएलबीसी/डीएलसीसी के द्वारा अन्‍य बैंक के लिए आबेंटित है, के कारण से ऋण आवेदनों को अस्‍वीकार नहीं कर सकते.
Ø आवश्यकता/मांग के अनुसार ऋण चरणों में जहाँ तक संभव हो, सीधे संस्थाओं/उपस्करों/उपकरणों के विक्रेताओं को उपयुक्त सीमा तक संवितरित किया जाना है
Ø छात्र द्वारा प्रवेश के समय भुगतान किए गए शुल्‍क को एक उचित अवधि के अंदर प्रतिपूर्ति किया जाना चाहिए (दूसरे सेमेस्टिर के प्रारंभ से पहले कियाजा सकता हैं).
चुकौती
चुकौती छुट्टी / अधिस्‍थगन
 
Ø पाठ्यक्रम अवधि + 1 वर्ष अथवा नियोजन प्राप्ति के बाद 6 महीने, जो भी पहले हो.
Ø अधिकतम चुकौती अवधि 10 वर्ष होगा जिसमें पाठ्यक्रम एवं अधिस्‍थगन अवधि शामिल नहीं होंगे.
Ø अधिस्थगन अवधि के दौरान उपचित ब्याज को मूलधन से जोड़ा जाएगा तथा स्थिर समान मासिक किश्तों (ईएमआई) में चुकौती निर्धारित की जाएगी.
Ø चुकौती क्षमता संदेह से परे स्‍थापित किया जाना चाहिए.
बीमा
उपभोगित ऋण राशि के लिए बीमा कवर प्राप्‍त करना चाहिए और उधारकर्ता से एक वचनपत्र लेख चाहिए कि बीमा प्रीमियम को उधारकर्ता के ऋण खाते में खाते बंद करने तक नामे डाल सकें.  
 
मेसर्स बजाज अलियान्ज़ के साथ मौजूदा टाई अप व्यवस्था का उपयोग करते हुए मंजूर किए जानेवाले पूरे शिक्षा ऋण को उधारकर्ता के ऋण खाते में प्रीमियम नामे डालते हुए कवर कर सकते हैं. इस संबंध में शाखाएं प्र.का.प. 11073 दि.19.04.2011 का संदर्भ लें.
अनुवर्तीन / निगरानी
शाखाओं को महाविद्यालय/विश्वविद्यालय प्राधिकारियों से संपर्क करके विद्यार्थियों, जिन्होंने ऋण लिया है, के संबंध में नियमित अंतरालों पर प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करना है..
संसाधन प्रभार
योजना के अधीन मंजूर ऋणों पर कोई संसाधन/प्रारंभिक प्रभार नहीं लगाया जाना चाहिए.
बेबाकी प्रमाणपत्र
शिक्षा ऋण पर विचार करने के लिए पूर्व शर्त के रूप में बेबाकी प्रमाणपत्र के लिए ज़ोर नहीं देना है. तथापि, शाखा, अन्य बैंकों/संस्‍थाओं से किसी प्रकार के ऋण नहीं लिए जाने संबंधी घोषणा पत्र/शपथ पत्र ले सकते हैं.
अन्‍य शर्तें :
 
1. संयुक्‍त उधारकर्ता  :
संयुक्त उधारकर्ता, सामान्यत: विद्यार्थी उधारकर्ता के माता-पिता/अभिभावक होंगे. विवाहित व्यक्ति के मामले में विवाहिती अथवा माता-पिता/सास-ससुर संयुक्त उधारकर्ता हो सकते हैं.
 
2. बेबाकी प्रमाणपत्र :
शिक्षा ऋण पर विचार करने के लिए पूर्व शर्त के रूप में बेबाकी प्रमाणपत्र के लिए ज़ोर नहीं देना है. तथापि, बैंक, अन्य बैंकों से किसी प्रकार के ऋण नहीं लिए जाने संबंधी घोषणा पत्र/शपथ पत्र ले सकते हैं.
 
3. ऋण आवेदन का निपटान :
ऋण आवेदनों को सामान्यतः 15 दिनों की अवधि के अंदर निपटाया जाना चाहिए

 
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