कृषि, लघु उद्योगों और अन्य को ऋण

कृषि अग्रिम

कृषि व संबद्ध क्रियाकलापों के लिए प्रत्यक्ष ऋणों में व्यक्तिगत किसानों या किसानों के एसएचजी/जेएलजी को निम्न उद्देश्यों के लिए ऋण शामिल है -

  1. फसल उगाने के लिए अल्‍पावधि ऋण.
  2. पारंपरिक बागान और बागबानी के लिए ऋण.
  3. किसानों द्वारा फसल ऋण प्राप्त करने या न करने पर ध्यान दिए बगैर 12 महीनों में देय रु.10 लाख तक के बंधक ऋण.
  4. कृषि व संबद्ध कार्यकलापों के लिए उत्पाद व निवेश जरुरतों के वित्तीयन हेतु कार्यकारी पूँजी तथा सावधि ऋण.
  5. कृषि के उद्देश्य के लिए भूमि खरीदने हेतु लघु व सीमांत किसानों को ऋण.
  6. उचित सामूहित या संपार्श्विक प्रतिभूति के प्रति गैर संस्थागत उधारदाताओं के ऋणी आपदाग्रस्त किसानों को ऋण.
  7. व्यक्तियों, एसएचजीयों तथा सहकारी संस्थाओं द्वारा की जाने वाली स्प्रेयिंग, वीडिंग, कटाई, ग्रेडिंग, सोर्टिंग, प्रोससिंग तथा परिवहन जैसे कटाई पूर्व व कटाई के बाद के कार्यों के लिए प्रदत्त ऋण.
  8. संबंधित गतिविधियां जैसे डेरी, मत्स्य पालन, सूअर पालन, मुर्ग़ी पालन, मधु मक्की पालन आदि के लिए प्रदत्त अल्पावधि ऋण.
  9. कृषि उपकरणों व मशीनरी की खरीदारी - लोहे के हल, हैरो, होज़, भूमि समतल बनानेवाला यंत्र, बाँध बांधनेवाले, दस्ती औजार, स्‍प्रेयर, डस्‍टर, है-प्रेस, गन्ना पीसनेवाले यंत्र, थ्रेशर आदि.
  10. कृषि मशीनों की खरीदारी - ट्रैक्टर, ट्रेलर, बिजली के हल, ट्रैक्टर के सहायक उपकरण जैस तवेदार हल आदि.
  11. ट्रक, मिनी ट्रक, जीप, पिकअप वैन, बैल गाडी व अन्य परिवहन उपकरणों की खरीदारी.
  12. हल चलानेवाले जानवरों की खरीदारी.
  13. उथले व गहरे नलकूप, टंकियां आदि का निर्माण और ड्रिल्लिंग यूनिट की खरीदारी.
  14. ऊपरी तल के कुएं बनाना, कुओं की गहराई बढाना, उनको साफ करवाना, कुएं खोदना, कुएं का बिजलीकरण, तेल इंजन खरीदना और कुओं का बिजलीकरण करना, तेल इंजन खरीदना और लगाना.
  15. टरबैन पंप खरीदना व लगाना, फील्‍ड चैनल बनाना.
  16. लिफ्ट सिंचाई परियोजनाएँ.
  17. छिड़काव सिंचाई यंत्र लगाना (मैक्रो सिंचाई).
  18. कृषि प्रयोजनों के लिए जनरेटर सेट्स खरीदना.
  19. कृषि भूमियों पर बांध लगाना, भूमि को समतल बनाना, शुष्क धान खेतों की सीढ़ीदार खेती से सिंचाई योग्य गीली धान के खेत बनाना, कृषि जल निकास का विकास, भूमि का उद्धार और लवणता का संरक्षण, दर्रा भूमि का उद्धार, बुलडोज़र खरीदना.
  20. बैल शेड, उपकरण शेड, ट्रैक्टर व ट्रैक्टर शेड, खेती भण्डार आदि का निर्माण.
  21. माल गोदाम, गोदाम, साइलों (खत्ती) व शीतागार का निर्माण व संचालन.
  22. फ़सलों के संकर बीज का उत्पादन व संसाधन.
  23. सिंचाई प्रभार का भुगतान, कुएं व नलकूप से जल किराए पर लेने पर प्रभार, नाली नहर पानी प्रभार, तेल इंजनों का अनुरक्षण, इलेक्ट्रिक मोटर, मज़दूरी का भुगतान, बिजली प्रभार, विपणन प्रभार, रूढ़िगत सेवा इकाइयों संबंधी सेवा प्रभार, विकास उप-कर का भुगतान आदि.
  24. डेरी तथा पशुपालन के सभी पहलुओं का विकास.
  25. मत्स्य पालन का विकास.
  26. मुर्ग़ी पालन, सूअर पालन, मधु मक्की पालन आदि का विकास.
  27. रेशम उत्पादन का विकास.
  28. जैव गैस संयंत्र.

कार्पोरेटों, साझेदारी संस्थाओं व संस्थाओं को कृषि व संबद्ध कार्यकलापों के लिए प्रत्यक्ष ऋण.

रु.1.00 करोड तक के ऋण प्रत्यक्ष कृषि के अधीन आते हैं

रु.1.00 करोड से अधिक के ऋण के लिए रु.1.00 करोड से अधिक एक तिहाई हिस्से तक को प्रत्यक्ष कृषि के तहत लिया जाता है.

कृषि के लिए अप्रत्यक्ष ऋण

  1. कार्पोरेटों, साझेदारी संस्थाओं व संस्थाओं को प्रदत्त रु.1.00 करोड से अधिक के ऋण के रु.1.00 करोड से अधिक के दो तिहाई हिस्से को अप्रत्यक्ष कृषि के अधीन लिया जाता है.
  2. ग्रामीण इलाकों में व्यक्तियों, एसएचजी व सहकारियों के अलावा अन्य द्वारा चलाए जा रहे सयंत्र व मशीनरी में रु.10.00 करोड तक के निवेश वाले खाद्य व कृषि आधारित प्रोससिंग इकाइयों को ऋण
  3. उर्वरक, कीटनाशक, बीज आदि की खरीद व वितरण हेतु ऋण
  4. मवेशी व मुर्गी चारा जैसे संबद्ध कार्यकलापों के लिए इनपुट की खरीद व वितरण हेतु रु.40 लाख तक का ऋण
  5. कृषि मशीनरी व सामग्री के वितरण हेतु किराया खरीद योजनाओं के लिए वित्त
  6. किसी भी जगह कृषि उपजों / उत्पादों के भंडारण हेतु भंडारण सुविधा - वेयरहाउस, मार्कटयार्ड, गोदाम, सिलोस व शीत भंडारण - के निर्माण व चलाने हेतु ऋण
  7. व्यक्तिगत संस्थाओं या ट्राक्टरों, बुलडोजरों, कुआ खोदने के औजार, त्रशर, कंबैन आदि का अनुरक्षण करने वाले संगठनों जो किसानों के लिए करार के आधार पर कार्य करते हो, जैसे सेवा इकाइयों को अग्रिम
  8. कृषि क्लिनिक व कृषि कारोबार केन्द्र की स्थापना हेतु वित्त
  9. प्राथमिक ऋण सोसाइटियों, किसानों की सेवा सोसाइटियों तथा बहुत बडी आदिवासी बहुउद्देशी सोसाइटियों के जरिए किसानों को ऋण
  10. सदस्यों के उपजों के निपटान हेतु किसानों के सहकारी सोसाइटियों को ऋण
  11. ड्रिप सिंचाई / स्प्रिंग्लर सिंचाई / कृषि मशीनरी आदि के लिए सभी जगहों के डीलरों को रु.30 लाख तक का ऋण
  12. अपने एसएचजी या सार्वजनिक जेएलजी या व्यक्तिगत किसानों को उधार देने हेतु एनबीएफसी को ऋण
  13. व्यक्तिगत किसानों को या एसएचजी या जेएलजी के जरिए उधार देने हेतु एनजीओ या एमएफआई को प्रदत्त ऋण

फसल ऋणों पर ब्याज दरों के लिए यहाँ क्लिक कीजिए

ब्यौरे
मुख्य बातें
उद्देश्य
सोलार वाटर हीटिंग प्रणाली के लिए वित्तीयन
कार्यान्वयन का क्षेत्र
देश के सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वित किया जाना है
पात्र उधारकर्ता
घरेलु उपयोगकर्ता, संस्थागत उपयोगकर्ता तथा वाणिज्य या औद्योगिक उपयोगकर्ता
ऋण की मात्रा
सोलार वाटर हीटिंग प्रणाली की लागत का 85%
मार्जिन
सोलार वाटर हीटिंग प्रणाली की लागत का 15%
बैंक का उधार दर
10.75% प्र.व.
एमएनईएस निर्धारित दरें अर्थात ब्याज आर्थिक सहायता के बाद उधारकर्ता पर प्रभारित अंतिम ब्याज दर.
घरेलु उपयोगकर्ताओं के लिए 2%
संस्थागत उपयोगकर्ता जो त्वरित मूल्यह्रास प्राप्त करते हो के लिए 3% तथा
वाणिज्य या औद्योगिक उपयोगकर्ता जो त्वरित मूल्यह्रास प्राप्त करते हो के लिए 5%
ब्याज आर्थिक सहायता
आईआरईडीए के जरिए एमएनईएस से ब्याज आर्थिक सहायता प्राप्त है जो कि 10.75% के बैंक के उधार दर तथा ऊपर निर्धारित एमएनईएस के दर का अंतर है जो कि पहले ही अधिकतम 5 वर्ष के संपूर्ण ऋण अवधि के लिए 6.50% डिस्कौंटिंग दर से आकलित किया जाता है. एमएनईएस ने घरेलु, संस्थागत व वाणिज्यिक / औज्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए ब्याज आर्थिक सहायता के आकलन हेतु रेडी रेकनर तैयार किया है. ब्याज आर्थिक सहायता के समायोजन के बाद अंतिम ब्याज दर (घरेलु उपयोगकर्ता के लिए) 2%, (संस्थागत उपयोगकर्ता के लिए) 3% तथा (वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए) 5% तक आता है..
बैंक के लिए सेवा प्रभार
बैंक मंजूर प्रत्येक ऋण के लिए प्रशासनिक लागत, कारोबार विकास व प्रचार आदि हेतु आईआरईडीए से  रु.200/- के सेवा प्रभार के लिए पात्र है.
वर्गीकरण
उधारकर्ता के वर्ग जैसे कृषि / एमएसई / अन्य प्राथमिकता क्षेत्र / गैर प्राथमिकता क्षेत्र आदि के आधार पर मामले के अनुसार वर्गीकृत किया जाए.
प्रतिभूति मानदंड
बैंक वित्त से प्राप्त आस्तियों की गिरवी.
रु.25,000/-, तक ऋणों के लिए अन्य पार्टी गारंटी या संपार्श्विक प्रतिभूति प्राप्त नहीं की जाए.
रु.25,000/-, से अधिक के ऋणों के लिए उचित अन्य पार्टी गारंटी तथा / या ऋण राशि को कवर करने हेतु पर्याप्त संपार्श्विक प्रतिभूति / तरल प्रतिभूति प्राप्त की जाए.
चुकौती अवधि
अधिकतम 5 वर्ष की अवधि. चुकौती अवधि निर्धारित करते समय, चुकौती का देय दिनांक किसानों के मामले में कटाई के मौसम से व अन्य के मामले में तरलता से मेल खाना चाहिए.

ब्याज आर्थिक सहायता का दावा करना ब्याज आर्थिक सहायता का दावा ऋण के वितरण के तुरंत बाद स्थापना या कमीशन करने के प्रमाणपत्र प्राप्त करके किया जाएगा

एसडब्ल्यूएच प्रणालियों के निर्माता / आपूर्तिकर्ता की अनुमोदित सूची एमएनईएस ने फ्लैट ट्यूब कलेक्‍टर आधारित सोलर वाटर हीटिंग सिस्‍टम के 83 बीआईएस अनुमोदित विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं की और इवैक्‍युएटेड ट्यूब कलेक्‍टर आधारित सोलर वाटर हीटिंग सिस्‍टम के 10 बीआईएस अनुमोदित विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं की सूची दी है. विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं की अनुमोदित सूची से ही सिस्‍टम खरीदकर लगाने चाहिए.

प्राप्‍त ब्‍याज उपदान का विनियोजन : चूंकि आईआरईडीए द्वारा 5 वर्ष की समग्र चुकौती अवधि के लिए ब्‍याज उपदान पहले ही निर्मोचित किया जाता है इसलिए, समग्र ब्‍याज उपदान रकम, एक ही झटके में उधारकर्ताओं के ऋण खाते में जमा की जाती है ताकि उधारकर्ताओं के लिए अंतिम ब्‍याज दर, 2% (घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए), 3% (संस्‍थागत उपयोगकर्ताओं के लिए और 3% (वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए) बने.

मैक्रो ऋण

प्रति उधारकर्ता रु.50000 तक के बहुत ही छोटे ऋण जो या तो प्रत्यक्ष रूप से या एसएचजी या जेएलजी तंत्र के जरिए या प्रति उधारकर्ता को रु.50000 तक उधार देने हेतु एनबीएफसी /एमएफआई को दिए गए हो

अपादग्रस्त व्यक्तियों को (किसानों को छोडकर)गैर संस्थागत उधारदाताओं को देय उनके ऋण को चुकाने हेतु उचित संपार्श्विक प्रतिभूति या सामूहिक सुरक्षा के प्रति प्रदत्त ऋण

शिक्षा ऋण

भारत में शिक्षा हेतु रु.10 लाख तक तथा विदेश में शिक्षा हेतु रु.20 लाख तक व्यक्तियों को प्रदत्त शिक्षा ऋण

भारत में शिक्षा हेतु रु.10 लाख तक तथा विदेश में शिक्षा हेतु रु.20 लाख तक व्यक्तियों को प्रदान करने हेतु एनबीएफसी को प्रदत्त ऋण

आवास ऋण - ग्रामीण आवास

किसी भी जगह व्यक्तियों को प्रति परिवार घर की खरीद या निर्माण हेतु प्रदत्त रु.20 लाख तक के ऋण

पुराने मकानों की मरम्मत हेतु प्रदत्त ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में रु.1 लाख तक तथा शहरी व महानगरीय इलाकों में रु.2.00 लाख तक के ऋण

किसी सरकारी एजेन्सी को मकान के निर्माण या गंदी बस्तियों को हटाने तथा मैला ढोने वालों के पुनर्वास हेतु प्रदत्त ऋण बशर्ते कि प्रति मकान ऋण रु.5 लाख तक हो

किसी गैर सरकारी एजेन्सी को एनएचबी द्वारा मकान के निर्माण या गंदी बस्तियों को हटाने तथा मैला ढोने वालों के पुनर्वास हेतु प्रदत्त ऋण बशर्ते कि प्रति मकान ऋण रु.5 लाख तक हो

कमजोर वर्गों को अग्रिम

प्राथमिकता क्षेत्र के अधीन कमजोर वर्गों में निम्न शामिल है

 लघु और सीमांत किसान, जिनके पास 5 एकड़ जमीन हो, भूमिहीन मजदूर, काश्‍तकार किसान और बटाईदार कारीगर, ग्राम और कुटी उद्योग जहाँ व्यक्तिगत ऋण सीमा रु.50000 से कम हो.

 एसजेएसआरवाई/एसएलआरएस/डीआरआई/एसजीएसवाई/एससी व एसटी/एसएचजी

आपदाग्रस्त गरीबों को उनके अनौपचारिक क्षेत्र से प्राप्त ऋण चुकाने हेतु उचित संपार्श्विक या सामूहिक प्रतिभूति के प्रति

ऊपर (1) से (4) के अधीन समय समय पर भारत सरकार द्वारा अधिसूचित अनुसार अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को प्रदत्त ऋण जहाँ किसी राज्य में अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय बहुसंख्यक हो तो मद सं.(5) अन्य अधिसूचित अल्पसंख्यकों को ही कवर करेगा. ये राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश है - जम्मू व कश्मीर, पंजाब, सिक्किम, मिजोराम, नागालैंड तथा लक्ष्य द्वीप

अ.जा/अ.ज.जा. को अग्रिम

अ.जा/अ.ज.जा. के राज्‍य सरकार प्रायोजित संगठनों को अग्रिम - निविष्टियां खरीदने और उनकी आपूर्ति करने और / अथवा इन संगठनों के हिताधिकारियों के उत्‍पाद बेचने के लिए.

उपज विपणन ऋण

कृषि उत्पादों के आपदा विपणन से बचने हेतु किसानों को ऋण - किसानों को भंडारण रसीद सहित कृषि उत्पादों की गिरवी या बंधक पर प्रदत्त रु.10 लाख तक के ऋण जो 12 महीनों में देय हो

विजया किसान कार्ड

यह किसानों के संपूर्ण फसल उत्पादन की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से तैयार की गई योजना है जिसमें कटाई उपरांत ऋण या संबद्ध कार्यकलापों हेतु कार्यकारी पूँजी जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया है

यह योजना लचीली व किसान अनुकूल है. किसान कार्डधारकों को व्यक्तिगत दुर्गघना बीमा कवर प्राप्त है

एमएसई को सिडबी की ऋण गारंटी निधि योजना

एमएसई को संपार्श्विक प्रतिभूति के बिना रु.100 लाख तक ऋण

एमएसई के लिए तकनीकी उन्नयन निधि योजना

वस्त्र व जूट क्षेत्र के अधीन पात्र एमएसई इकाइयों को 5% पाइंट ब्याज प्रोत्साहन दिया जाता है

एमएसई को तरलता वित्त

पात्रता - 3 वर्ष व अधिक समय के लिए विद्यमान सभी एमएसई इकाइयाँ. एमएसई इकाइयों ने बैंक से पहले सावधि ऋण प्राप्त किया हो. इकाइ का निष्पादन संतोषजनक होना चाहिए

ऋण राशि - संयत्र व मशीनरी या भूमि व भवन के विपणन मूल्य से 60 प्रतिशत से अधिक नहीं

प्रतिभूति - भार रहित संयत्र व मशीनरी या भूमि व भवन की गिरवी

मार्जिन - प्रतिभूति के विपणन मूल्य पर कम से कम 40 प्रतिशत

चुकौती - अधिकतम 36 महीनों की अवधि

ब्याज दर - 9% से 16%

नोट - अधिक जानकारी हेतु योजना दिशानिर्देशों पर परिपत्रों का संदर्भ लें

शर्तों व मानदंडों पर किसी प्रकार की छूट, मामले में स्पष्टीकरण हेतु महा प्रबंधक - ऋण परिचालन के संदर्भ में लाया जाए

प्रदर्शन