विमुद्रीकरण योजना पर सामान्य प्रश्न
पुराने 500 और 1000 रुपए के मूल्यवर्ग के बैंक नोटों की वैध मुद्रा विशेषता की वापसी तथा विनिर्दिष्ट बैंक नोट (देयताओं की समाप्ति) अध्यादेश 2016 (24 जनवरी 2017 तक अद्यतन)

(24 जनवरी 2017 तक अद्यतन)

1. पुराने 500 और 1000 रुपए के मूल्यवर्ग के बैंक नोटों की वैध मुद्रा विशेषता की वापसी की योजना क्यों प्रारम्भ की गई?

उच्च मूल्यवर्गों में जाली भारतीय मुद्रा नोटों की घटनाएँ बढ़ गई हैं । आम आदमी को यह जाली नोट असली नोटों की तरह ही दिखाई पड़ते हैं, जब कि इनमें किसी भी सुरक्षा विशेषता की नकल नहीं की गई है । जाली नोटों का उपयोग राष्ट्र–विरोधी एवं अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है । उच्च मूल्यवर्ग के नोटों का दुरुपयोग आतंकवादियों और काले धन की जमाखोरी के लिए किया गया है । भारत एक नगद-आधारित अर्थव्यवस्था है, इसलिए जाली भारतीय मुद्रा नोटों के प्रचलन का संकट जारी है । जाली नोटों तथा काले धन की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए पुराने 500 और 1000 रुपए के मूल्यवर्ग के बैंक नोटों की वैध मुद्रा विशेषता की वापसी की योजना प्रारम्भ की गई ।

2. यह योजना क्या है?

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 08 नवंबर 2016 तक जारी 500 रुपए और 1000 रुपए मूल्यवर्ग नोटों का वैध निविदा स्वरूप (जिसे बाद में विनिर्दिष्ट बैंक नोट कहा जाएगा) वापिस लिया जाता है । इसके परिणाम स्वरूप पुराने उच्च मूल्यवर्ग के नोट का व्यापारिक लेन-देन और / अथवा भावी उपयोग हेतु मूल्य-संचय के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा । 25 नवंबर, 2016 तक बैंक शाखाओं / डाकघरों तथा 30 दिसंबर, 2016 तक भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालयों में विनिर्दिष्ट बैंक नोटों के विनिमय की अनुमति थी तथा 10 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान वाणिज्यिक बैंक / क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक / सहकारी बैंक (केवल शहरी सहकारी बैंक तथा राज्य सहकारी बैंकों में) की किसी भी शाखा में अथवा किसी भी प्रधान डाकघर अथवा उप डाकघर में जमा किए जा सकते थे ।

विनिर्दिष्ट बैंक नोटों के विनिमय / जमा सुविधा को 31 दिसंबर, 2016 से बंद कर दिया गया है ।

3. निर्दिष्‍ट बैंक नोट (देयताओं की समाप्ति) अध्यादेश 2016 क्‍या है?

निर्दिष्‍ट बैंक नोट (देयताओं की समाप्ति) अध्यादेश 2016 भारत के राष्‍ट्रपति (भारत सरकार अध्‍यादेश सं. 2016 का 10, दिनांकित 30 दिसंबर 2016) द्वारा लागू किया गया है ताकि निर्दिष्‍ट बैंक नोट की देयताओं और संबद्ध/प्रासंगिक मामलों को समाप्‍त किया जा सके और 31 दिसंबर 2016 से लागू हो गया है। इस अध्‍यादेश के अनुसार, 31 दिसंबर 2016 से निर्दिष्‍ट बैंक नोट के संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक की देयताएं समाप्‍त हो जाएगी और इस संबंध में, केंद्र सरकार की गारंटी भी समाप्‍त हो जाएगी।

इस संबंध में रियायत अवधि प्रदान की गई है जिसके दौरान भारतीय नागरिक जो इस बात की घोषणा करते हैं कि वे 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 तक भारत के बाहर थे, वे विनिर्दिष्‍ट बैंक नोट रिज़र्व बैंक के पाँच कार्यालयों (मुबंई, नई दिल्‍ली, चेन्‍नै, कोलकाता और नागपुर) में जमा कर सकते हैं, बशर्ते केंद्र सरकार की अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्‍ट किसी भी श्रेणी के व्‍यक्ति हेतु कारणों अथवा शर्तों को पूरा करते हों।

रिज़र्व बैंक, आवश्‍यक सत्‍यापन करने के बाद यदि इस बात से संतुष्‍ट है कि 30 दिसंबर 2016 तक नोट न जमा कर पाने के कारण सही है, तो वह जमाकर्ता के केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अनुपालित खाते में नोटों की मूल्‍य-राशि जमा कर देगा।

निवासी भारतीय नागरिक, जो 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के दौरान विदेश में थे और अनिवासी भारतीय नागरिक, जो 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के दौरान विदेश में थे, उनके के लिए जमा करने के उद्देश्‍य से रखे गए विनिर्दिष्‍ट बैंक नोट (एसबीएन) रियायत अवधि के दौरान धारित करने की अनुमति है। 2 जनवरी 2017 से प्रभावी, भारतीय निवासी नागरिक जो 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 तक विदेश में थे, वे 31 मार्च 2017 तक इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं और अनिवासी भारतीय नागरिक जो 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 तक विदेश में थे, इस सुविधा का उपयोग 30 जून 2016 तक कर सकते हैं। जहां पात्र निवासी भारतीय हेतु नोट बदलने की कोई सीमा नहीं है, वहीं, एनआरआई के लिए सीमा प्रासंगिक फेमा विनियमन के अनुसार रहेगी। अध्‍यादेश की धारा 6 के अनुसार, जो कोई भी व्‍यक्ति जानबूझकर अथवा अनजाने में गलत घोषणा करता है तो उसे दंडित किया जाएगा, दंड की राशि ₹50,000/- तक अथवा जमा की गई निर्दिष्‍ट बैंक नोट के अंकित मूल्‍य राशि का पाँच गुना जो भी अधिक हो, हो सकती है। उपर्युक्‍त उल्‍लेखानुसार नोट की मूल्‍य–राशि जमा करने में रिज़र्व बैंक द्वारा मना करने से प्रभावित कोई भी व्‍यक्ति उसे इस प्रकार का मनाही प्राप्‍त होने के 14 दिनों के भीतर रिज़र्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड को अभ्‍यावेदन दे सकता है।

31 दिसंबर 2016 से प्रभावी, अध्‍यादेश की धारा 5 के अनुसार कोई भी व्‍यक्ति किसी निर्दिष्‍ट बैंक नोट को जानबूझकर अथवा स्‍वेच्‍छा से रख, भेज अथवा प्राप्‍त नहीं कर सकेगा। रियायत अवधि समाप्‍त होने के बाद किसी भी मूल्‍य-वर्ग के अधिकतम कुल 10 नोट अथवा अध्‍ययन/अनुसंधान/मुद्राशास्‍त्र के उद्देश्‍य से अधिकतम 25 नोट रखने की अनुमति होगी। धारा 7 के अनुसार, धारा 5 का उल्‍लंघन दंडनीय है जिसमें ₹10,000/- तक की राशि अथवा उल्लंघन में शामिल निर्दिष्‍ट बैंक नोट के अंकित मूल्‍य राशि का पाँच गुना जो भी अधिक हो, का दंड लगाया जा सकता है।

धारा 6 और 7 के अनुसार उल्‍लंघन/चूक यदि किसी कंपनी द्वारा किया गया है तो प्रत्‍येक वह व्‍यक्ति जो उल्लंघन/चूक के समय कंपनी का प्रभारी और उत्तरदायी था, दोषी माना जाएगा और उसी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और दंडित किया जाएगा। यदि अपराध कंपनी के किसी निदेशक/प्रबंधक/सचिव/अधिकारी/कर्मचारी द्वारा किया जाना साबित होता है तो उस व्‍यक्ति को भी इस अपराध के लिए दोषी माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी और तदनुसार दंडित किया जाएगा।

भारतीय रिजर्व बैंक के उक्त पाँच क्षेत्रीय कार्यालयों में विनिमय काउंटर के समय सारणी के विवरण के लिए यहाँ क्लिक करें

4. वे एनआरआई तथा भारतीय नागरिक जो विदेश में थे, विनिर्दिष्ट बैंक नोटों को कैसे बदलवा सकते हैं?

विनिर्दिष्ट बैंक नोटों (देयताओं की समाप्ति) विषय पर भारत सरकार के 2016 के अध्यादेश संख्या 10, दिनांक 31 दिसंबर, 2016 के पैराग्राफ 4.1 के अनुसार, ऐसे निवासी तथा अनिवासी नागरिकों के लिए, जो 10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 तक उक्त अवधि के दौरान भारत में उपस्थित नहीं होने के कारण इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सके, 10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 तक विनिर्दिष्ट बैंक नोटों के विनिमय की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है । यह सुविधा भारतीय रिजर्व बैंक के पाँच कार्यालयों मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता तथा नागपुर में निवासियों के लिए 02 जनवरी, 2017 से 31 मार्च, 2017 तक तथा एनआरआई के लिए 02 जनवरी, 2017 से 30 जून, 2017 तक खुली रहेगी ।

इस सुविधा का लाभ केवल व्यक्तिगत क्षमता में तथा अवधि के दौरान एक बार ही उठाया जा सकता है । इस सुविधा के तहत तृतीय पक्ष जमाकर्ता को अनुमति नहीं है ।

यह सुविधा नेपाल, भूटान, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

इस योजना के नियमों / शर्तों तथा इसके प्रकार का विवरण दिनांक 31 दिसंबर, 2016 के हमारे परिपत्र डीसीएम (आयो) सं. 2170/10.27.00/2016-17 में उपलब्ध हैं ।

निवासी भारतीयों तथा एनआरआई के लिए निविदा फार्म का लिंक यहाँ उपलब्ध है ।

5. क्या एनआरआई के द्वारा विनिर्दिष्ट बैंक नोटों की विनिमय सुविधा भारत से बाहर भी उपलब्ध है?

नहीं, तथा एनआरआई के लिए यह सुविधा 02 जनवरी, 2017 से 30 जून, 2017 तक भारतीय रिजर्व बैंक के पाँच कार्यालयों मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता तथा नागपुर में उपलब्ध है । एनआरआई के लिए विनिमय की सीमा संबन्धित फेमा (FEMA) विनियमावली के अनुसार होगी ।

6. क्या यह सुविधा भारत के विदेशी नागरिकों (ओसीआई)/ भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध है ?

नहीं, यह सुविधा उन लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है जो भारतीय नागरिक नहीं हैं ।

7. क्या यह सुविधा निवासी भारतीयों के लिए उपलब्ध है ?

नहीं, यह सुविधा सभी निवासी भारतीयों के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन केवल उनके लिए है जो 09 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान भारत में नहीं थे ।

8. मैं एटीएम से कितनी राशि निकाल सकता हूँ?

16 जनवरी, 2017 से एटीएम से आहरण की वर्तमान दैनिक सीमा को बढ़ाकर रू. 10000/- प्रतिदिन प्रति कार्ड की गई है (समग्र विनिर्दिष्ट साप्ताहिक सीमाओं के अंदर)।

9. जन धन योजना खाताधारकों के लिए आहरण सीमाएं क्या हैं?

JDY खाता धारक, मानदंडों और प्रक्रियाओं के अनुसार, कैप और अन्य निर्धारित सीमा के अंदर SBN को खाते में जमा करने की सुविधा का लाभ ले सकते हैं|

काले धन को वैध बनाने वालों एवं बेनामी संपत्ति लेनदेन और धन शोधन नियमों के तहत कानूनी खामियाजों से निर्दोष किसानों और PMJDY के ग्रामीण खाताधारकों को सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है कि 09 नवंबर 2016 के बाद प्रधान मंत्री जन धन योजना खातों में विनिर्दिष्ट बैंक नोटों (एसबीएन) में जमा की गई धनराशि के संबंध में निश्चित सीमा निर्धारित की जाए। अस्थायी उपाय के तौर पर, बैंकों को सूचित किया गया है कि :

1. पूर्ण रूप से केवाईसी मानदण्ड पूरा करने वाले खाताधारकों को उनके खाते से एक माह में रू. 10000/- आहरण की अनुमति होगी । शाखा प्रबन्धक केवल इस प्रकार के आहरण की सत्यता को सुनिश्चित करने तथा इनका बैंक रिकॉर्ड में विधिवत दस्तावेजीकरण करने के पश्चात वर्तमान लागू सीमाओं के अंतर्गत रू. 10000/- से अधिक आहरण की अनुमति दे सकता है ।

2. सीमित तथा गैर केवाईसी मानदण्ड वाले खाताधारकों को 09 नवंबर 2016 के पश्चात विनिर्दिष्ट बैंक नोटों के माध्यम से जमा की गई राशि में से समग्र उच्च सीमा रू. 10000/- में से रू. 5000/- आहरण की अनुमति होगी ।

10. क्या रू. 24000/- की आहरण सीमा एक बैंक से दूसरे बैंक के बैंक खाते में आहरण पर भी लागू होगी?

यह सीमा एक बैंक से दूसरे बैंक, डाकघर, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर मनी चेंजर्स को परिचालित करने वाले तथा व्हाईट लेबल एटीएम को परिचालित करने वालों के बैंक खाते में नकदी आहरण पर लागू नहीं होंगी । मुद्रा तिजोरी वाली शाखाओं को सूचित किया जाता है कि वे अपनी नजदीकी अन्य शाखाओं – सम्बद्ध या अन्यथा – द्वारा नकदी की आपूर्ति के अनुरोध को समायोजित / सहायता करें।

11. डीसीसीबी के मामले में आहरण सीमाएं क्या हैं?

जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) उनके मौजूदा ग्राहकों को उनके खाते से प्रति सप्ताह रू. 24000/- आहरण की अनुमति दे सकते हैं । भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को तदनुसार डीसीसीबी द्वारा उनके खातों से आवश्यकता के आधार पर आहरण की अनुमति देने हेतु सूचित किया है ।

12. क्या मैं चेक से रुपये निकाल सकता हूँ?

जी हाँ, आप आहरण पर्ची या चेक से बैंक खाते से एक सप्ताह में रू. 24000/- की एक साप्ताहिक समग्र सीमा के अधीन रहते हुए (एटीएम तथा काउंटर से आहरण सहित) नकद आहरण कर सकते हैं ।

16 जनवरी 2017 से चालू खाते से आहरण की वर्तमान सीमा को रू.50000/- से बढ़ाकर रू. 100000/- प्रति सप्ताह की गई है तथा इसे ओवरड्राफ्ट तथा कैश क्रेडिट खातों के लिए भी बढ़ाया गया है । अन्य खातों के लिए साप्ताहिक आहरण सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है ।

किसानों को उनके ऋण (किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट सहित) अथवा जमा खाते से प्रति सप्ताह रू. 25000/- तक नकद आहरण की अनुमति दी जा सकती है जो उनके खाते में वर्तमान केवाईसी दिशानिर्देशों के पूरा करने के अधीन होगी ।

13. क्या मैं ईलेक्ट्रोनिक (एनईएफ़टी /आरटीजीएस / आईएमपीएस/ इंटरनेट बैंकिंग / मोबाइल बैंकिंग, इ.) का उपयोग कर सकता हूँ?

जी हाँ, आप एनईएफ़टी /आरटीजीएस / आईएमपीएस/ इंटरनेट बैंकिंग / मोबाइल बैंकिंग या अन्य इलेक्ट्रोनिक / गैर नकदी भुगतान का उपयोग कर सकते हैं । आम जनता के लेन देन संबंधी आवश्यकताओं को डिजिटल रूप के माध्यम से पूरा करने के क्रम में छोटे व्यापारियों के लिए विशेष वितरण तथा अर्द्ध बंद प्रीपेड भुगतान यंत्र (PPI) की सीमा में वृद्धि करने के रूप में नए कदम उठाए गए हैं ।

14. किसानों के लिए क्या किया गया है ?

किसानों को उनके ऋण (किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट सहित) अथवा जमा खाते से प्रति सप्ताह रू. 25000/- तक नकद आहरण की अनुमति दी जा सकती है जो उनके खाते में वर्तमान केवाईसी दिशानिर्देशों के पूरा करने के अधीन होगी । केंद्र तथा राज्य सरकार से संबन्धित केन्द्रों अथवा आउटलेट्स से, सार्वजनिक क्षेत्र के अधीन, राष्ट्रीय अथवा राज्य बीज निगम, केंद्र अथवा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से बीज खरीदने पर पहचान पत्र दिखाने पर इस मूल्यवर्ग के विनिर्दिष्ट बैंक नोटों का उपयोग किया जा सकता है ।

रबी की फसल के मौसम के दौरान बिना किसी बाधा के खेती परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को किसानों व PACS को आवश्यक कृषि ऋण वितरण करने में सक्षम बनाने के लिए नाबार्ड अपनी स्वयं की लगभग रू. 23000 करोड़ के कैश क्रेडिट लिमिट का उपयोग कर सकता है । मुद्रा तिजोरी रखने बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे डीसीसीबी तथा आरआरबी को समुचित नकदी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। सभी वाणिज्यिक बैंकों (आरआरबी सहित) की ग्रामीण शाखाओं के लिए भी समुचित नकदी आपूर्ति सुनिश्चित करें। एपीएमसी में स्थित शाखाओं को भी सुगम प्रबंध के लिए समुचित नकदी दी जाए।

15. मुझे इस योजना / अध्यादेश के बारे में और अधिक जानकारी कहाँ से मिल सकती है?

शेष पूरी जानकारी हमारी वैबसाइट www.rbi.org.in और भारत सरकार की बेबसाईट www.finmin.nic.in पर उपलब्ध है।

यह भी देखें :

भारतीय रिजर्व बैंक से आप वर्तमान के 500 और 1000 रुपए के बैंक नोटों की वैध मुद्रा विशेषता की वापसी के बारे में जो जानना चाहते हैं वह सब

16. अगर मुझे कोई समस्या है तो किससे संपर्क करें?

आप आरबीआई के कंट्रोल रूम को ईमेल से या टेलीफ़ोन नंबर 022-22602201 / 022-22602944 पर संपर्क कर सकते हैं।

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