लघु उद्योग संबंधी चार्टर

लघु उद्योग के लिए अधिक ऋण उपलब्‍ध कराने की दृष्टि से, बैंक ने '' लघु उद्योग संबंधी चार्टर '' निकाला है. इस चार्टर में, लघु उद्योग के लिए अधिक ऋण उपलब्‍ध कराने की दिशा में बैंक का समग्र लक्ष्‍य दिया गया है. ये लक्ष्‍य इस प्रकार हैं:

  • लघु उद्योग, बैंक का दबाववाला क्षेत्र है और प्राथमिकता क्षेत्र उधार का एक अंग है.
  • लघु उद्योग के मामले में बैंक का मकसद है '' लघु उद्योगों को अधिक उधार देना ''.
  • लघु उद्योग ऋणों को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जाती है.
  • लघु उद्योग के लिए अधिक ऋण संवितरित करने की दृष्टि से, बैंक, लघु उद्योगों के लिए एक विशेष ऋण योजना बना रही है जिसमें लघु उद्योगों के उप-क्षेत्रों के तहत संवितरण लक्ष्‍य रखा जाएगा.
  • कारीगरों, ग्राम और कुटीर उद्योग, अत्‍यंत लघु इकाइयों, लघु उद्योग सेवा और कारोबार प्रतिष्‍ठानों पर विशेष बल दिया जाएगा.
  • बैंक का प्रयास होगा कि लघु उद्योग ऋण 60% हिस्‍सा, अत्‍यंत लघु क्षेत्र को दिया जाता है.
  • 5 लाख रु. तक के लघु उद्योग ऋणों के लिए संपार्श्विक प्रतिभूति से पूरी तरह से छूट है जिससे कि छोटी इकाइयों को बढ़ने का मौका दिया जा सके.
  • अगर इकाई का पिछला कार्य निष्‍पादन अच्‍छा हो और उसकी वित्‍तीय स्थिति अच्‍छी हो तो लघु उद्योगों के मामले में 5 लाख रु. से अधिक और 25 लाख रु. तक मंजूर किए गए ऋणों के लिए संपार्श्विक प्रतिभूति की जरूरत नहीं होगी.
  • संपार्श्विक प्रतिभूति और/अथवा अन्‍य पक्षकार गारंटी के बगैर लघु उद्योगों को मंजूर किए गए 25 लाख रु. तक के सभी निधि आधारित ऋणों को, गारंटी रक्षा पाने के लिए ऋण गारंटी निधि योजना के तहत शामिल किया जाएगा.
  • सिंगल विंडो के तहत 50 लाख रु. तक संमिश्र ऋण.
  • लघु उद्योग क्षेत्र के लिए बैंक ने, नीचे उल्लिखित विशेष योजनाएं बनाई हैं: 
    • निवल कार्यकारी पूंजी में कमी की पूर्ति करने के लिए चल निधि वित्‍त योजना
    • राष्‍ट्रीय इक्विटी निधि योजना के तहत इक्विटी अंतर घटाने के लिए सुलभ ऋण.
    • वस्‍त्र और जूट उद्योग के लिए प्रौद्योगिकी उन्‍नयन निधि योजना के तहत ब्‍याज प्रोत्‍साहन योजना
    • लघु उद्योग क्षेत्र में विशिष्‍ट उद्योगों क लिए ऋण संयोजित पूंजीगत उपदान योजना
    • आसानी से कार्यकारी पूंजीगत ऋण उपलब्‍ध कराने के लिए 10 लाख रु. तक लघु उद्यमी कार्ड
    • कारीगरों को आसानी से ऋण उपलब्‍ध कराने के लिए (सावधि ऋण और कार्यकारी पूंजी, दोनों) 2 लाख रु. तक कारीगर क्रेडिट कार्ड
  • महिलाओं और भूतपूर्व सैनिक उद्यमियों को लघु उद्योग ऋण देने पर विशेष बल दिया जाएगा.
  • लघु उद्योग संबंधी आवेदन पत्र सरल और मानक बनाए गए हैं. बैंक, उद्यमियों को उचित व्‍य वहार संहिता के तहत एक ही झटके में आवश्‍यक जानकारी मुहैया करा रहा है.
  • अगर आवेदन पत्र हर तरह से संपूर्ण हो तो लघु उद्योग ऋण संबंधी आवेदन पत्र, नीचे उल्लिखित समय सीमा के अंदर निपटाए जाते हैं:
    • 25,000/- रु. तक के ऋण: 2 सप्‍ताह
    • 25,000/- रु. से अधिक ऋण: 8-9 सप्‍ताह
  • सस्‍ता लघु उद्योग ऋण उपलब्‍ध कराने की दृष्टि से, बैंक ऋण की मात्रा के आधार पर लघु उद्योग ऋणों पर पीएलआर - 2% और पीएलआर + 2% के बीच ब्‍याज दर पेश कर रहा है:

    ऋण की मात्र  ब्‍याज दर 
    रु. 25,000 तक की ऋण  मूल उधार दर  – 2 %
    रु. 25,000 से अधिक तथा रु. 2.00 लाख तक की ऋण  मूल उधार दर  – 1 %
    रु. 2.00 लाख से अधिक तथा रु. 25.00 लाख तक की ऋण मूल उधार दर  + 1.5 %
    रु. 25.00 लाख से अधिक राशि की ऋण मूल उधार दर  + 2 %

     
  • विशिष्‍ट होसरी/हस्‍त औजार/औषध उद्योग के संबंध में, संयंत्र और मशीनों पर 5 करोड़ रु. तक के निवेश को लघु उद्योग के तहत लिया जाएगा. बैंक का प्रयास है कि लोकप्रियता को देखते हुए खासकर विशिष्‍ट होसरी/हस्‍त औजार/लेखन सामग्री क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाए
  • सूचना प्रौद्योगिकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा क्‍योंकि इनको लघु उद्योग के दायरे में लाया गया है.
  • बैंक का प्रयास रहेगा कि विशिष्‍ट लघु उद्योग समूहों को बढ़ावा दिया जाए.

 

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