लोकपाल
बैंकिंग ओमबड्समन, 2006
इस योजना का उद्देश्‍य है, बैकों द्वारा प्रदान की गईं कुछ सेवाओं से संबंधित शिकायतों का निवारण करना और ऐसी शिकायतें दूर करना या निपटाना.
अध्‍याय I
PRELIMINARY
1. संक्षिप्‍त शीर्षक, प्रारंभ, व्‍याप्ति और प्रवर्तन
  1. इस योजना को बैंकिंग ओमबड्समन, 2006 कहा जाए.
  2. यह योजना, उस तारीख से लागू होगी, जो रिज़र्व बैंक तय करे.
  3. यह योजना भारत वर्ष में लागू होगी.
  4. यह योजना, योजना के तहत यथा परिभाषित बैंक के भारत में कारोबार के लिए लागू होगी.
2. योजना का स्‍थगन
  1. रिज़र्व बैंक, अगर वह संतुष्‍ट हो कि ऐसा करना जरूरी है, उस अवधि तक जो आदेश में निर्दिष्‍ट की जाए, योजना के प्रावधानों में से सभी या किसी का, आम तौर पर अथवा किसी निर्दिष्‍ट बैंक के संदर्भ में, परिचालन स्‍थगित करने का आदेश दे सकता है.
  2. रिज़र्व बैंक, ऊपर उल्लिखित स्‍थगन आदेश की अवधि को उस समय तक जो वह ठीक समझे, समय-समय पर बढ़ाने का आदेश दे सकता है.
3. परिभाषाएँ
  1. “अधिनिर्णय” का मतलब है, योजना के अनुसार बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा पारित अधिनिर्णय.
  2. ‘अपील प्राधिकारी’ का मतलब है, योजना को अमल में लानेवाले रिज़र्व बैंक के विभाग का प्रभारी उप गवर्नर.
  3. ‘प्राधिकृत प्रतिनिधि’ का मतलब है, शिकायतकर्ता द्वारा अपनी शिकायत के विचारार्थ बैंकिंग ओमबड्समन के समक्ष, योजना के तहत कार्यवाही में अपनी तरफ से कार्य करने और प्रतिनिधित्‍व करने के लिए नियुक्‍त और प्राधिकृत व्‍यक्ति.
  4. ‘बैंकिंग ओमबड्समन’ से अभिप्राय उस व्‍यक्ति से है जिसे योजना के खंड 4 के तहत नियुक्‍त किया गया हो.
  5. ‘बैंकै’ का मतलब है ‘बैंकिंग कंपनी’, ‘तदनुरूपी नया बैंक’, ‘ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक’, ‘भारतीय स्‍ट ेट बैंक’ ‘बैंकिंग विनियम अधिनियम’ 1949(1949 का अधिनियम 10) की धारा 5 में यथा परिभाषित ' सहायक बैंक ' अथवा उस अधिनियम की धारा 56 के खंड (सी) में यथा परिभाषित ' प्राथमिक सहकारी '
  6. ‘शिकायत’ ' का मतलब है, योजना के खंड 8 में यथा उल्लिखित बैंकिंग सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए शिकायत समेत लिखित रूप में अथवा इलेक्‍ट्रॉनिक माध्‍यम से अभ्‍यावेदन.
  7. ‘रिज़र्व बैंक’ का मतलब है, भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा के तहत गठित भारतीय रिजर्व बैंक.
  8. ‘योजना’ से अभिप्राय है, बैंकिंग ओमबड्समन योजना, 2006.
  9. ‘सचिवालय’ का मतलब है, योजना के खंड 6 के उप-खंड (1) के अनुसार गठित कार्यालय.
  10. ‘समझौता’ का मतलब है, योजना के खंड 11 के तहत या तो सुलह या मध्‍यस्‍थता से पक्षकारों के बीच हुआ करार.
 
अध्‍याय II
बैंकिंग ओमबड्समन कार्यालय की स्‍थापना
4. नियुक्ति और अवधि
  1. रिज़र्व बैंक, योजना द्वारा अथवा के तहत सौंपे गए कार्य करने के लिए, मुख्‍य महा प्रबंधक अथवा महा प्रबंधक की श्रेणी के अपने एक अथवा एक से अधिक अधिकारियों को नियुक्‍त कर सकता है जो बैंकिंग ओमबड्समन के नाम से जाने जाएंगे.
  2. उक्‍त खंड के तहत बैंकिंग ओमबड्समन की नियुक्ति, किसी एक समय अधिकतम तीन वर्ष तक की जा सकती है.
5. कार्यालय और अस्‍थाई मुख्‍यालय का स्‍थान
  1. बैंकिंग ओमबड्समन का कार्यालय ऐसे स्‍थानों पर होगा जो रिज़र्व बैंक द्वारा निर्दिष्‍ट किए जाएं.
  2. शिकायतों को शीघ्रता से निपटाने के इरादे से, बैंकिंग ओमबड्समन, अपने क्षेत्राधिकार के अंदर उन स्‍थ ानों पर बैठकें बुला सकता है जो, उसके समक्ष प्रस्‍तुत शिकायत अथवा निर्देश के संबंध में वह आवश्‍यक और उचित समझे.
6. सचिवालय
  1. रिज़र्व बैंक, बैंकिंग ओमबड्समन के कार्यालय में अपने अधिकारियों अथवा अन्‍य कर्मचारियों को उतनी संख्‍या में प्रतिनियुक्‍त करेगा जो बैंकिंग ओमबड्समन के सचिवालय के रूप में काम करने के लिए जरूरी समझे जाएं.
  2. सचिवालय का खर्च, रिज़र्व बैंक द्वारा उठाया जाएगा.
 
अध्‍याय III
बैंकिंग ओमबड्समन के क्षेत्राधिकार, अधिकार और कर्तव्‍य
7. अधिकार और क्षेत्राधिकार
  1. रिज़र्व बैंक, उन क्षेत्रों की सीमाएं निर्दिष्‍ट करेगा जिसके अधीन योजना के खंड 4 के तहत नियुक्‍त प्रत्‍येक बैंकिंग ओमबड्समन का प्राधिकार होगा.
  2. बैंकिंग ओमबड्समन, खंड 8 में उल्लिखित आधार पर बैंकिंग अथवा अन्‍य सेवाओं में कमी के संबंध में दर्ज की गईं शिकायतें प्राप्‍त करेगा और उन पर विचार करेगा और संबंधित बैंक और व्‍यथित पक्षकारों के बीच सहमति अथवा सुलह और मध्यस्थता से अथवा योजना के अनुसार अधिनिर्णय पारित करते हुए शिकायत की तुष्टि करेगा अथवा समझौता करेगा.
  3. बैंकिंग ओमबड्समन, अपने कार्यालय पर अधीक्षण और नियंत्रण के सामान्‍य अधिकारों का प्रयोग करेगा और उसमें किया गया कामकाज चलाने के लिए जिम्‍मेदार होगा.
  4. बैंकिंग ओमबड्समन, रिज़र्व बैंक से परामर्श कर, अपने लिए वार्षिक बजट बनाएगा और भारतीय रिजर्व बैंक व्‍यय नियम, 2005 के अनुरूप अनुमोदित बजट के अंदर व्‍यय करने के अधिकारों का प्रयोग करेगा.
  5. बैंकिंग ओमबड्समन, पिछले वित्‍तीय वर्ष के दौरान अपने कार्यालय की गतिविधियों की सामान्‍य समीक्षा समेत हर वर्ष 30 जून तक की स्थिति दर्शानेवाली एक रिपोर्ट गवर्नर, रिज़र्व बैंक को भेजेगा और ऐसी दूसरी जानकारी पेश करेगा जो रिज़र्व बैंक कहे और अगर जन हित में ऐसा करना जरूरी समझा जाए तो रिज़र्व बैंक, बैंकिंग ओमबड्समन से प्राप्‍त रिपोर्ट और जानकारी, ऐसे समेकित रूप में अथवा अन्‍यथा, जो वह ठीक समझे, प्रकाशित कर सकता है.
 
अध्‍याय IV

शिकायत का निवारण करने की प्रक्रिया

8. शिकायत के आधार पर

  1. बैंकिंग अथवा अन्‍य सेवाओं में कमी का आरोप लगाते हुए नीचे उल्लिखित में से किसी एक के आधार पर शिकायत, संबंधित क्षेत्राधिकार में आनेवाले बैंकिंग ओमबड्समन के समक्ष पेश की जा सकती है:
    1. चेकों, ड्राफ्टों, बिलों आदि की गैर-अदायगी अथवा उनके भुगतान अथवा वसूली में अनुचित विलंब.   
    2. किसी भी प्रयोजन से दिए गए छोटे मूल्‍यवर्ग के नोट, बिना पर्याप्‍त कारण के, स्‍वीकार न करना ओर उसके संबंध में कमीशन लेना.
    3. छोटे सिक्‍के, बिना पर्याप्‍त कारण के, स्‍वीकार न करना ओर उसके संबंध में कमीशन लेना.
    4. आवक प्रेषण की गैर-अदायगी अथवा उसके भुगतान में विलंब.
    5. ड्राफ़्ट, भुगतान आदेश अथवा बैंकर चेक जारी न करना अथवा जारी करने में विलंब होना.
    6. निर्धारित कार्य समय का पालन न करना.
    7. गारंटी अथवा साख पत्र के वायदे न निभाना.
    8. बैंक द्वारा अथवा उसके प्रत्‍यक्ष विक्रेता एजेंटों द्वारा लिखित रूप से दिए गए वादे के मुताबिक बैंकिंग सुविधा (ऋणों और अग्रिमों से भिन्‍न) प्रदान न करना अथवा प्रदान करने में विलंब होना.
    9. पक्षकारों के खातों में प्राप्तियां जमा करने में विलंब होना, जमा न करना, जमाराशि की गैर-अदायगी अथवा बैंक में रखे गए किसी बचत, चालू अथवा अन्‍य खाते में जमाराशि पर ब्‍याज दर के लिए रिज़र्व बैंक को कोई निदेश जारी किए हों तो उनका पालन न करना.
    10. निर्यातकों के मामले में, निर्यात प्राप्तियां प्राप्‍त करने में, निर्यात बिल संभालने में, बिलों की वसूली आदि में विलंब बशर्ते कि उक्‍त शिकायत, भारत में बैंक के कामकाज से संबंधित हो.
    11. भारत में खाते रखनेवाले अनिवासी भारतीयों से, विदेश से प्रेषण, जमाराशि और बैंक से जुडे हुए अन्‍य मामलों के बारे में शिकायत.
    12. नकारने की कोई विधिमान्‍य वजह न होते हुए जमा खाते खोलने से इनकार करना.
    13. ग्राहक को पर्याप्‍त पूर्व सूचना दिए बगैर प्रभार वसूल करना.
    14. बैंक अथवा उसके सहयोगी बैंकों द्वारा, एटीएम/डेबिट कार्ड परिचालन अथवा क्रेडिट कार्ड परिचालन के बारे में रिज़र्व बैंक के अनुदेशों का पालन न करना.
    15. पेंशन का भुगतान न करना अथवा भुगतान करने में विलंब होना (जिस हद तक संबंधित बैंक के न कि उसके कर्मचारियों के कार्य को लेकर शिकायत की गई हो).
    16. रिज़र्व बैंक/सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप, कर के प्रति भुगतान स्‍वीकार करने से इनकार करना अथवा स्‍वीकार करने में विलंब होना.
    17. उचित नोटिस दिए बगैर अथवा बिना पर्याप्‍त वजह, जमा खाते जबरदस्‍ती बंद करना.
    18. खाते बंद करने से इनकार करना अथवा बंद करने में विलंब होना.
    19. बैंक द्वारा अपनाए गए तरीके से उचित व्‍यवहार संहिता का पालन न करना.
    20. बैंकिंग अथवा अन्य सेवाओं के संबंध में रिजर्व बैंक द्वारा जारी निदेशों के उल्लंघन से संबंधित अन्य कोई मामला.
  2. ऋणों और अग्रिमों के संबंध में बैंकिंग सेवा में कथित कमियां दर्शाते हुए निम्नलिखित किसी एक आधार पर शिकायतें सम्यक् अधिकार क्षेत्र वाले बैंकिंग ओमबड्समन से की जा सकती हैः
    1. ब्याज दरों पर रिजर्व बैंक के निदेशों का अनुपालन नहीं किया जाना,
    2. मंजूरी, संवितरण में विलंब अथवा ऋण आवेदनों के निपटान हेतु निर्धारित समय की पाबन्दी का अनुपालन न होना
    3. आवेदक को बिना कोई वैध कारण बताए आवेदन पत्र स्वीकार न करना, और
    4. इस प्रयोजन हेतु, रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट किसी भी निदेश अथवा अनुदेश का अनुपालन नहीं होना
  3. बैंकिंग ओमबड्समन ऐसे ही उन अन्य मामलों पर भी कार्रवाई करेगा जो रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट किए जाएंगे.
9. शिकायत दायर करने की प्रक्रिया
  1. योजना के खण्ड 8 में उल्लिखित किसी एक या अधिक आधारों पर यदि किसी व्यक्ति को किसी बैंक के खिलाफ कोई शिकायत है, तो वह स्वयं या किसी प्राधिकृत प्रतिनिधि (एडवोकेट से इतर) के माध्यम से उस बैंकिंग ओमबड्समन को लिखित रूप में शिकायत कर सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र में उस बैंक की वह शाखा या कार्यालय स्थित है, जिसके खिलाफ शिकायत की गई है.

    क्रेडिट कार्डों के परिचालन से उत्पन्न शिकायत उस बैंकिंग ओमबड्समन के समक्ष प्रस्तुत की जाए जिसके प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कार्डधारक का बिल्लिंग पता स्थित हो और न कि वह स्थान जहां संबंधित बैंक अथवा क्रेडिट कार्ड प्रोसेसिंग यूनिट स्थित हो.
  2. शिकायत लिखित रूप में तथा शिकायतकर्ता या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित होगी और जहां तक संभव हो अनुबंध 'क' में निर्धारित फार्म में होगी या परिस्थितियां जितनी अनुमति दें, निम्नलिखित का स्पष्ट उल्लेख हो.
  1. शिकायतकर्ता का नाम एवं पता,
  2. बैंक का कार्यालय अथवा शाखा का नाम एवं पता जिसके विरुद्ध शिकायत की गई हो,
  3. शिकायत का आधार माने जानेवाले तथ्य,
  4. शिकायतकर्ता को हुई हानि का स्वरूप और सीमा, तथा
  5. मांगी गई सहायता.
    1. शिकायतकर्ता दस्तावेजों की प्रतियां, यदि कोई हो, जिस पर वह विश्वास करता हो, के साथ शिकायत प्रस्तुत करेगा तथा इस खंड के उपखंड (3) के अंतर्गत यह घोषणा करेगा कि शिकायत समर्थनीय है.
    2. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की गई शिकायत भी बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा स्वीकार की जाएगी तथा ऐसी शिकायत का प्रिंट आउट बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा रिकार्ड पर रखा जाएगा.
    3. बैंकिंग ओमबड्समन इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार या रिजर्व बैंक द्वारा प्राप्त शिकायत, जो निपटान हेतु उनको प्रेषित की गई हो, भी स्वीकार करेगा.
  6. बैंकिंग ओमबड्समन को प्रस्तुत कोई भी शिकायत तभी स्वीकार्य होगी, जब -
    1. बैंकिंग ओमबड्समन को शिकायत करने से पहले शिकायतकर्ता ने उस बैंक को एक लिखित अभ्यावेदन दिया हो, जिसके खिलाफ शिकायत की गई हो और या तो बैंक ने शिकायत खारिज कर दी हो या शिकायतकर्ता को संबंधित बैंक द्वारा, अभ्यावेदन की प्राप्ति से, एक माह की अवधि के भीतर कोई जवाब नहीं मिला हो, या बैंक द्वारा दिए गए जवाब से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो ;
    2. शिकायतकर्ता को उसके अभ्यावेदन पर बैंक का जवाब प्राप्त होने के बाद एक वर्ष के भीतर या जहां बैंक को अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की तारीख के बाद एक वर्ष और एक माह के भीतर जवाब प्राप्त न होने पर शिकायत दर्ज की गई हो ;
    3. शिकायत उसी विषय-वस्तु से संबंधित नहीं हो जिसे गुणों के आधार पर बैंकिंग ओमबड्समन के कार्यालय के माध्यम से पिछली किन्हीं कार्यवाहियों में निपटा दिया गया था, चाहे उसी विषयवस्तु से संबंधित उसी शिकायतकर्ता या एक या अधिक शिकायतकर्ता अथवा एक अथवा अधिक पार्टियों से प्राप्त हुई हो या न हो ;
    4. शिकायत उस विषयवस्तु पर न हो, जिसके लिए कोई कार्यवाही किसी न्यायालय, अधिकरण या मध्यस्थ या किसी अन्य मंच पर लंबित हो अथवा ऐसे न्यायालय, अधिकरण, मध्यस्थ या मंच द्वारा डिक्री या अधिनिर्णय या आदेश पारित कर दिया गया हो तथा ;
    5. शिकायत का स्वरूप तुच्छ या तंग करनेवाला न हो ;
    6. शिकायत, परिसीमा अधिनियम, 1963 के अंतर्गत ऐसे दावों के लिए निर्धारित परिसीमा की अवधि की समाप्ति के पूर्व की गई हो.
10. जानकारी मांगने का अधिकार
  1. इस योजना के अंतर्गत अपने कर्तव्य-निर्वाह के प्रयोजन से बैंकिंग ओमबड्समन शिकायत में उल्लिखित बैंक अथवा किसी भी अन्य संबंधित बैंक से शिकायत के विषय गत मामले से संबंधित कोई जानकारी देने या तत्संबंधी किसी प्रलेख की प्रमाणित प्रतियां, जो कि उसके पास हो या उसके पास होने का आरोप हो, प्रस्तुत करने के लिए कह सकता है.

    अपेक्षित मांग की पूर्ति करने में, बिना पर्याप्त कारण के बैंक के असफल होने पर, बैंकिंग ओमबड्समन यदि वह उचित समझे तो यह निष्कर्ष निकाल सकता है कि यदि संबंधित सूचना अथवा प्रतियां प्रस्तुत की जाती हैं, तो वह बैंक के लिए प्रतिकूल होगा.
     
  2. अपने कर्तव्य निर्वाह के दौरान ध्यान में आने वाली किसी भी जानकारी अथवा कब्जे में आए किसी प्रलेख के बारे में बैंकिंग ओमबड्समन गोपनीयता का निर्वाह करेगा तथा जानकारी या दस्तावेज देनेवाले व्यक्ति की अनुमति के बिना वह ऐसी जानकारी या दस्तावेज किसी भी अन्य व्यक्ति को नहीं देगा.

    लेकिन इस खण्ड में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो बैंकिंग ओमबड्समन को इस बात से रोके कि किसी पार्टी द्वारा की गई शिकायत में निहित किसी जानकारी अथवा दस्तावेज को वह उसके द्वारा उचित समझी गई सीमा तक अन्य विधिक अपेक्षाएं या प्राकृतिक न्याय के अनुपालन की तर्कसंगत अपेक्षाओं और कार्यवाही में इमानदारी के परिप्रेक्ष्य में अन्य पार्टी अथवा पार्टियों को बताएं.
11. समझौते द्वारा शिकायत का निपटान
  1. व्यावहारिक तौर पर जितनी जल्दी संभव हो, बैंकिंग ओमबड्समन शिकायत की एक प्रतिलिपि, बैंक की उस शाखा या कार्यालय को प्रेषित करेगा जिसका नाम शिकायत में उल्लिखित हो, जिसकी सूचना खंड 15 के उप-खंड (3) में उल्लिखित नोडल अधिकारी को दी जाए, और उस बैंक तथा शिकायतकर्ता के बीच सुलह या मध्यस्थता द्वारा समझौता करवाने का प्रयास करेगा.
  2. शिकायत के निवारण के प्रयोजन से बैंकिंग ओमबड्समन ऐसी किसी प्रक्रिया को अपना सकता है, जिसे वह न्यायोचित समझे और वह साक्ष्य के संबंध में किसी भी कानूनी नियम से बाध्य नहीं होगा.
  3. बैंकिंग ओमबड्समन के समक्ष की जानेवाली कार्यवाही संक्षिप्त होगी.
12. बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा अधिनिर्णय
  1. यदि शिकायत प्राप्ति की तारीख से एक माह अथवा बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा पार्टियों को दी गयी आगामी अवधि के भीतर शिकायत का निवारण समझौते द्वारा नहीं हो पाता तो पार्टियों को अपना पक्ष रखने के लिए तर्कसम्मत अवसर देने के पश्चात अधिनिर्णय जारी कर सकता है या शिकायत अस्वीकार कर सकता है.
  2. बैंकिंग ओमबड्समन पार्टियों द्वारा उनके समक्ष रखे गए साक्ष्यों, बैंकिंग विधि और व्यवहार संबंधी सिद्धांतों, निदेशों, समय-समय पर रिजर्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों और दिशानिर्देशों तथा ऐसी अन्य बातों पर भी विचार कर सकता है जो उनके मतानुसार शिकायत से संबंधित हो.
  3. अधिनिर्णय में उसे पारित करने के कारणों का संक्षिप्त रूप से उल्लेख होगा.
  4. उप-खंड(1) के अंतर्गत पारित अधिनिर्णय में शिकायतकर्ता को हुई हानि के लिए बैंक द्वारा क्षतिपूर्ति के रूप में उन्हें भुगतान की जानेवाली राशि, यदि कोई हो का उल्लेख तथा बैंक को दिए गए निर्देश निहित होंगे.
  5. उप-खंड (4) में किसी प्रकार का उल्लेख होने के बावजूद, बैंकिंग ओमबड्समन के पास ऐसी राशि के भुगतान हेतु अधिनिर्णय पारित करने के लिए शक्ति नहीं होगी जो बैंक के कृत्या कृत्य के प्रत्यक्ष परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता को हुई वास्तविक हानि से अधिक अथवा 10 लाख रुपए, जो भी कम हो.
  6. क्रेडिट कार्ड परिचालन से उत्पन्न शिकायतों के मामले में, देय क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित करते समय बैंकिंग ओमबड्समन शिकायतकर्ता के समय की हानि, शिकायतकर्ता द्वारा खर्च किया गया व्यय, वित्तीय हानि, उत्पीड़न तथा शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गई मानसिक वेदना को ध्यान में ले.
  7. अधिनिर्णय की एक प्रतिलिपि शिकायतकर्ता और बैंक को भेजी जाएगी.
  8. जिस बैंक के विरुद्ध अधिनिर्णय दिया गया है वह उस पर तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि शिकायतकर्ता अधिनिर्णय प्राप्त होने से 15 दिनों की अवधि के भीतर मामले के पूर्ण और अंतिम निपटान स्वरूप स्वीकृति पत्र नहीं देता. शिकायतकर्ता यदि बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा पारित अधिनिर्णय को स्वीकार नहीं करता तथा 15 दिन की कथित अवधि के भीतर या बैंकिंग ओमबड्समन द्वार प्रदान ऐसा समय जो 15 दिन की अवधि से अधिक न हो, के भीतर अपना स्वीकृति पत्र प्रस्तुत नहीं करता तो ऐसी स्थिति में अधिनिर्णय समाप्त तथा प्रभाव रहित हो जाएगा.
  9. बैंक अधिनिर्णय के प्राप्त होने तथा शिकायतकर्ता द्वारा उप-खंड (8) के संदर्भ में उससे लिखित स्वीकृति के प्राप्त होने से एक माह के भीतर या बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा प्रदान ऐसा समय जो 15 दिन की अवधि से अधिक न हो, के भीतर उसका अनुपालन करेगा और इसकी सूचना बैंकिंग ओमबड्समन को भेजेगा.
13. शिकायत अस्वीकार करना :
  1. शिकायत को किसी भी चरण में बैंकिंग ओमबड्समन अस्वीकार कर सकता है यदि उसे ऐसा प्रतीत हो कि यह शिकायत ः
    1. तुच्छ, परेशान करने, दुर्भावनापूर्ण नीयत से की गयी है, अथवा
    2. बिना किसी पर्याप्त कारण की गई है, अथवा
    3. शिकायतकर्ता द्वारा मामले पर समुचित तत्परता से ध्यान नहीं दिया गया है, अथवा
    4. बैंकिंग ओमबड्समन की राय में शिकायतकर्ता को कोई हानि या नुकसान या असुविधा न हुई हो ; या
    5. खंड 12(5) के अंतर्गत निर्धारित बैंकिंग ओमबड्समन के धन संबंधी अधिकार क्षेत्र से परे हो.
  2. बैंकिंग ओमबड्समन किसी भी स्तर पर शिकायत अस्वीकार कर सकता है यदि शिकायत पर विचार करने के बाद साक्ष्य प्रस्तुत की गई हो और बैंकिंग ओमबड्समन की राय में शिकायत के स्वरूप के लिए विस्तृत दस्तावेज और मौखिक साक्ष्य पर विचार करने की आवश्यकता है और ऐसी शिकायत के न्यायनिर्णयन के लिए बैंकिंग ओमबड्समन के समक्ष कार्यवाही उचित न हो. इस संबंध में बैंकिंग ओमबड्समन का निर्णय अंतिम होगा और शिकायतकर्ता और बैंक को बाध्य होगा.
14. अपील प्राधिकारी के समक्ष अपील:
  1. अधिनिर्णय के कारण कोई भी असंतुष्ट व्यक्ति अधिनिर्णय की प्राप्ति की तारीख से 45 दिन के भीतर अपील प्राधिकारी के समक्ष अधिनिर्णय के प्रति अपील कर सकता है ;

    लेकिन अपील अधिकारी यदि संतुष्ट हो कि समय के भीतर अपील न करने हेतु आवेदक के पास पर्याप्त कारण है तो वह 30 दिन से अनधिक अवधि की अनुमति दे सकता है.

    लेकिन उसके बाद अपील बैंक द्वारा, केवल अध्यक्ष या उसकी अनुपस्थिति में प्रबंध निदेशक या कार्यपालक निदेशक या मुख्य कार्यपालक अधिकारी या समान श्रेणी का कोई अन्य अधिकारी की पूर्व स्वीकृति से ही प्रस्तुत किया जा सकता है.
  2. सुनवाई के लिए पार्टियों को उचित मौका देने के बाद अपील प्राधिकारी
    1. अपील को रद्द कर सकता है ; या
    2. अपील को मान कर अधिनिर्णय रद्द कर सकता है ; या
    3. बैंकिंग ओमबड्समन को मामला फिर से निपटान हेतु इन निदेशों के साथ, जो अपील प्राधिकारी आवश्यक और उचित समझे, वापस भेज सकता है ; या
    4. अधिनिर्णय को अशोधित कर, ऐसा आशोधित अधिनिर्णय प्रभावी करने के लिए आवश्यक निदेश दे सकता है;
    5. कोई अन्य आदेश, जो उसे सही लगे, दे सकता है.
  3. अपील प्राधिकारी के आदेश का प्रभाव उसी तरह होगा, जैसा खंड 12 के अंतर्गत बैंकिंग ओमबड्समन द्वारा पारित अधिनिर्णय या खंड 13 के अंतर्गत शिकायत अस्वीकार करना, जैसा भी मामला हो.
15. बैंकों को जनता की सामान्य जानकारी के लिए योजना की मुख्य बातें प्रदर्शित करना
  1. जिन बैंकों ने इस योजना को अपनाया हो, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजना का प्रयोजन तथा बैंकिंग ओमबड्समन का नाम व पता जिसके पास असंतुष्ट पक्ष शिकायतें कर सकते हैं,

    बैंक के सभी कार्यालयों और शाखाओं में सुस्पष्ट रूप से इस तरह प्रदर्शित किया जाता है कि कार्यालय या शाखा में आनेवाले व्यक्ति को योजना की पर्याप्त जानकारी मिले.
  2. जिन बैंकों ने इस योजना को अपनाया हो, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजना की प्रतिलिपि यदि कोई अवलोकन करना चाहता हो तो, बैंक के कार्यालय परिसर में नामित अधिकारी के पास उपलब्ध होती है और इस खंड के उप-खंड (1) के अंतर्गत नोटिस के साथ ऐसे नामित अधिकारी के पास उपलब्ध नोटिस भी प्रदर्शित की जाती है.
  3. जिन बैंकों ने इस योजना को अपनाया हो वे अपने क्षेत्रीय/अंचल कार्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और बैंकिंग ओमबड्समन के उन संबंधित कार्यालय को सूचित करेंगे, जिस क्षेत्रीय/अंचल कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में जाते हों. इस तरह नियुक्त नोडल अधिकारी बैंक का प्रतिनिधित्व और बैंक के विरुद्ध दर्ज की गई शिकायतों के बारे में बैंकिंग ओमबड्समन को जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार होंगे.
 
अध्याय V
विविध

16. कठिनाइयों को दूर करना

यदि इस योजना के प्रावधानों को लागू करने में कोई कठिनाई आती हो, तो ऐसी कठिनाई दूर करने के लिए रिजर्व बैंक जैसा आवश्यक एवं उचित समझे, प्रावधान बना सकता है, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 या इस योजना से असंगत न हो.
17. बैंकिंग ओमबड्समन योजना, 1995 और 2002 की प्रयोज्यता
बैंकिंग ओमबड्समन योजना, 2006 प्रभावशील होने से पूर्व लंबित शिकायतों का अधिनिर्णय एवं पहले से ही पारित अधिनिर्णय का कार्यान्वयन संबंधित बैंकिंग ओमबड्समन योजनाओं के प्रावधानों तथा उसके अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों से शासित होता रहेगा.
अनुबंध 'क'
बैंकिंग ओमबड्समन को की जानेवाली शिकायत का फार्म

(कार्यालयीन उपयोग हेतु)
शिकायत संख्या
दिनांक ………वर्ष ..…
(दिनांक) ……………………..

(शिकायतकर्ता द्वारा भेजा जाए)
प्रति,
बैंकिंग लोकपाल * (बैंकिंग ओमबड्समन के ................................................................. कार्यालय के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत)

महोदय,
विषय : …………………….(बैंक) की ……………………………………………………………………………शाखा के विरुद्ध शिकायत :
शिकायतकर्ता, जिसका नाम नीचे दिया है, ने असंतुष्ट होने पर उपर्युक्त संदर्भित बैंक को एक शिकायत की है.
शिकायत का ब्योरा निम्नानुसार हैः

1. शिकायतकर्ता का नाम : ………………

2. शिकायतकर्ता का पूरा पता : ……………………
पिन कोड : ………………..
फोन सं./फैक्स सं. : ……………………

3. बैंक/शाखा का नाम व पूरा पता
जिसके विरुद्ध शिकायत हो : ………………………….….
पिन कोड : …………………….
फोन सं./फैक्स सं. : …………………….
4. खाते का स्वरूप

(कृपया की गई शिकायत की विषय वस्तु से संबंधित खाते का स्वरूप स्पष्ट करें यथा बचत बैंक/चालू/नकद जमा/सावधि जमा/ऋण खाता इत्यादि) ………………………………………………………………………………

5. (a) बैंक को भेजे गए अभ्यावेदन की तारीख ………………………. (कृपया अभ्यावेदन की तीन प्रतियां संलग्न करें)
(b) क्या शिकायतकर्ता द्वारा कोई अनुस्मारक भेजा गया ? हॉं/नहीं (यदि हॉं, तो अनुस्मारक की तीन प्रतियॉं संलग्न करें.)

6. शिकायत की विषय वस्तु (कृपया योजना का खण्ड 8 देखें)
……………………………………………………………………………..

7. शिकायत का ब्यौरा (यदि जगह अपर्याप्त हो, तो अलग पन्ना लगाएं)
………………………………………………………………………………………………
………………………………………………………………………………………………

8. (a) क्या कोई उत्तर प्राप्त हुआ? (बैंक द्वारा अभ्यावेदन प्राप्त करने के बाद 2 माह की अवधि में)........................................................................ हां/नहीं (यदि हॉं, तो बैंक के उत्तर की तीन प्रतियॉं संलग्न करें).
(b) क्या अभ्यावेदन अस्वीकृत कर दिया गया ? ........................................... हां/नहीं (यदि हॉं, तो बैंक के पत्र की तीन प्रतियॉं प्रस्तुत करें)
(c) क्या शिकायतकर्ता को बैंक की ओर से कोई अन्य अन्तिम निर्णय प्राप्त हुआ है ? ..... हां/नहीं
(यदि हॉं, तो बैंक के अन्तिम निर्णय वाले पत्र की तीन प्रतियॉं संलग्न करें)
9. बैंकिंग ओमबड्समन से मांगी गई राहत का स्वरूप
………………………………………………………………………………(अपने दावे के समर्थन में दिए गए दस्तावेजी साक्ष्य, यदि कोई हो तो, की तीन प्रतियॉं)

10. शिकायतकर्ता द्वारा मुआवजे के रूप में दावा किए गए
मौद्रिक नुकसान का स्वरूप और सीमा . र. .……………….
(कृपया दस्तावेजी साक्ष्य, यदि कोई हो तो, संलग्न करें, जिससे यह स्पष्ट होता हो कि नुकसान वास्तव में बैंक की कथित गलती के परिणामस्वरूप हुआ है)

11. संलग्न दस्तावेजों की सूची
(कृपया सभी दस्तावेजों की तीन प्रतियॉं प्रस्तुत करें)

12. घोषणा
1. मैं/हम, शिकायतकर्ता निम्नानुसार घोषणा करता/करती हूँ/करते हैं :
(a) इसमें दी गई जानकारी सत्य और सही है और
(b) मैने/हमने उपर्युक्त कॉलमों तथा प्रस्तुत दस्तावेजों में कोई तथ्य छिपाया नहीं है और न ही उसका गलत निरूपण किया है.

2. यह शिकायत योजना के खण्ड 9(3)(क) और (ख) के प्रावधानों के अनुसरण में गणना किए गए एक वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले दर्ज की गई थी.

3. (a) मेरी/हमारी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार मैंने/हम में से किसी ने अथवा इसकी विषय वस्तु से संबंधित किसी भी पार्टी ने इससे पहले इस शिकायत की विषय वस्तु बैंकिंग ओमबड्समन के कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की है.
(b) इस शिकायत की विषय वस्तु बैंकिंग ओमबड्समन के कार्यालय द्वारा पहले निपटाई गई किसी शिकायत से सम्बन्धित नहीं है.
(c) इस शिकायत की विषय वस्तु पर किसी मंच/न्यायालय/अधिनिर्णायक द्वारा निर्णय नहीं लिया गया है.

4. मैं/हम बैंकिंग ओमबड्समन को हमारे द्वारा दी गई किसी जानकारी/दस्तावेजों को प्रकट करने हेतु बैंक को प्राधिकृत करता/करती हूँ/करते हैं, जो बैंकिंग ओमबड्समन की राय में हमारी शिकायत अथवा अन्य किसी शिकायत के निवारण हेतु आवश्यक हो.

5. मैंने/हमने बैंकिंग ओमबड्समन योजना, 2006 की विषयवस्तु नोट कर ली है.
भवदीय,

(शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर)

नामांकन - (शिकायतकर्ता यदि बैंकिंग ओमबड्समन के कार्यालय में अथवा बैंकिंग ओमबड्समन के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु किसी प्रतिनिधि का नामांकन करने के लिए इच्छुक है तो उसे निम्नलिखित घोषणा करनी होगी)
मैं/हमें, उपर्युक्त शिकायतकर्ता एतदद्वारा श्री/श्रीमती ………………………………………….. जो वकील नहीं है तथा जिनका पता
………………………………………………………………………………………………
……………………………… है, को इस शिकायत की सारी प्रक्रिया हेतु अपना प्रतिनिधि नामित करता/करती हूँ/करते हैं तथा इस आशय की पुष्टि करता/करती हूँ/करते हैं कि उनके द्वारा दिया गया कोई भी बयान, स्वीकृति अथवा अस्वीकृति मुझे/हम पर बाध्यकारी होगी. उन्होंने मेरी/हमारी उपस्थिति में नीचे हस्ताक्षर किए हैं

स्वीकृत

(प्रतिनिधि के हस्ताक्षर)

(शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर)

 

 

प्रदर्शन